भोपाल। राजधानी में वल्लभ भवन के आसपास ओम नगर व भीमनगर सहित अन्य झुग्गी बस्तियों के रहवासियों को पक्के मकान देने की घोषणा के बाद झुग्गी बस्तियों की राजनीति करने वाले प्रमुख दलों के नेता भी सक्रिय हो गए हैं। इन नेताओं का आरोप है कि वर्ष 2016 से इस तरह की घोषणाएं होती रही हैं, लेकिन जहां से झुग्गी हटीं, उन्हें मकान आज तक नहीं मिले।
दोनों प्रमुख दलों के नेताओं का कहना है कि जहां झुग्गी हैं, वहां नीचे की तरफ पक्के मकानों का निर्माण किया जाए। जो खाली भूमि बचे उसका उपयोग शासन करे। झुग्गी बस्तियां अगले 3 माह में हटने की प्लानिंग है, लेकिन अभी इससे ज्यादा समय लगेगा। क्योंकि टेंडर आदि प्रक्रिया होना है। अभी जिन झुग्गियों को सबसे पहले हटाना है। उनमें वल्लभ भवन के आसपास की सभी झुग्गी बस्तियों को हटाया जाएगा। छह झुग्गी बस्तियों में भीम नगर, वल्लभ नगर, ओम नगर, अशोक सम्राट नगर, दुर्गा नगर 1 और 2 में कुल 6534 मकान चिह्नित किए गए हैं।
अभी और चर्चा होगी
झुग्गी इतनी आसानी से नहीं हटाई जा सकती हैं। इस संबंध में बैठकें होना है और सभी से चर्चा होगी। वल्लभ भवन की पहाड़ी के नीचे तीन लाइन में मकान बनाकर बस्तियों को शिफ्ट किया जाए। इस संबंध में विधायक भगवानदास सबनानी ने भी जिला प्रशासन को बताया है।
आरके सिंह वघेल, पार्षद
व्यवस्था करनी होगी सार्वजनिक
पूर्व महापौर आलोक शर्मा ने भी भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने की घोषणा की, लेकिन न तो कोई काम हुए और न ही उस समय हटाई गईं झुग्गी वासियों को मकान मिले। वल्लभ भवन के आसपास से बस्ती हटाने से पहले पूरी व्यवस्था सार्वजनिक करनी होगी।
शबिस्ता जकी, नेता प्रतिपक्ष नगर निगम भोपाल
अभी और बैठकें होंगी
झुग्गियों का विस्थापन करना जरूरी है, लेकिन सभी आसपास ही उचित स्थान पर पक्के मकान दिए जाएंगे। इस संबंध में स्थानीय विधायक व पार्षद के साथ ही रहवासियों की बैठक होगी। शासन काफी सोच समझकर इस संबंध में कार्रवाई करेगा।
राजेंद्र गुप्ता, झुग्गी बस्ती नेता
...तो करेंगे विरोध
कांग्रेस के शासन में इन बस्तियों को शिफ्ट करने की प्लानिंग बनी थी और प्रस्ताव बना था कि नीचे मंदिर के पास पार्क में पक्के मकान बनाकर सभी को दिए जाएंगे। इस पर अगर अमल नहीं किया गया तो झुग्गी विस्थापन का विरोध किया जाएगा। एक भी बस्ती हटने नहीं दी जाएगी।
योगेंद्र सिंह गुड्डू चौहान, पार्षद