बेमेतरा में INH Haribhoomi के ‘जिला संवाद’ कार्यक्रम में अब चर्चा और भी तीखी हो गई है। मंच से कार्यक्रम का संचालन कर रहे प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी लगातार जनप्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और व्यापारिक जगत से जुड़े लोगों से सीधे और सख्त सवाल कर रहे हैं।
उनके सवालों ने कार्यक्रम को महज औपचारिक चर्चा से आगे बढ़ाकर एक गंभीर जनसंवाद में बदल दिया है, जहां हर मुद्दे पर जवाबदेही तय करने की कोशिश हो रही है।
शिक्षा पर सवाल: स्कूल मजबूत, लेकिन कॉलेज क्यों कमजोर?
डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने शिक्षा के मुद्दे पर सीधा सवाल दागते हुए पूछा कि जब बेमेतरा के स्कूल इतने बेहतर हैं, तो उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को बाहर क्यों जाना पड़ रहा है?
इस पर शिक्षाविदों ने स्वीकार किया कि जिले में अच्छे कॉलेज और यूनिवर्सिटी स्तर की सुविधाओं की कमी है।
“स्कूलिंग मजबूत है, लेकिन कॉलेज एजुकेशन के लिए अभी भी बेमेतरा को बाहर पर निर्भर रहना पड़ता है,” जवाब में कहा गया।
मेडिकल कॉलेज की मांग पर घेरा
कार्यक्रम के दौरान डॉ. द्विवेदी ने बार-बार मेडिकल कॉलेज की मांग पर सवाल उठाया कि वर्षों से यह मुद्दा उठ रहा है, लेकिन अब तक जमीन पर क्यों नहीं उतरा?
इस पर मंच पर मौजूद प्रतिनिधियों ने माना कि यह बेमेतरा की सबसे बड़ी जरूरतों में से एक है और इस दिशा में ठोस पहल होनी चाहिए।
उद्योग और प्रदूषण पर भी कड़े सवाल
व्यापार और उद्योग के मुद्दे पर भी डॉ. द्विवेदी ने सीधे सवाल करते हुए पूछा कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा?
इस पर व्यापारिक प्रतिनिधियों ने कहा कि—
जिले में एग्रो-बेस्ड इंडस्ट्री को बढ़ावा देना चाहिए
कम प्रदूषण वाले उद्योग स्थापित करने होंगे
एग्रो पार्क की जरूरत है
रोजगार और पलायन पर उठे सवाल
डॉ. द्विवेदी ने यह भी पूछा कि अगर जिले में रोजगार के पर्याप्त अवसर हैं, तो फिर युवा बाहर क्यों जा रहे हैं?
इस पर जवाब मिला कि रोजगार की स्थिति “संतोषजनक” तो है, लेकिन बड़े उद्योगों की कमी के कारण बेहतर अवसर सीमित हैं।
कृषि में ताकत, लेकिन प्रोसेसिंग का अभाव
संवाद के दौरान यह भी सामने आया कि बेमेतरा कृषि के क्षेत्र में काफी मजबूत है, लेकिन फूड प्रोसेसिंग यूनिट और वैल्यू एडिशन की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा।