देश के कई हिस्सों से एटीएम में नकदी नहीं मिलने की लगातार आ रही शिकायतों के बाद भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने स्थिति की जांच शुरू कर दी है। पिछले कुछ समय से कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि एटीएम पर पहुंचने के बावजूद उन्हें कैश नहीं मिल पा रहा है। खासतौर पर छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में यह समस्या अधिक देखने को मिली है। इसी को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने बैंकों से विस्तृत जानकारी तलब की है।
कैश सप्लाई और रिफिलिंग व्यवस्था की होगी जांच
रिपोर्ट्स के मुताबिक RBI यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कहीं एटीएम में समय पर नकदी नहीं भरी जा रही है या कुछ क्षेत्रों में आवश्यकता के मुकाबले कम कैश भेजा जा रहा है। इसके लिए बैंकों से टियर-2 और उससे छोटे शहरों में एटीएम संचालन और नकदी उपलब्धता का पूरा रिकॉर्ड मांगा गया है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
बैंकों ने रखी अपनी दलील
बैंकिंग क्षेत्र से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि केवल कैश की कुल उपलब्धता देखकर स्थिति का सही आकलन नहीं किया जा सकता। कई बार शाखाओं में मौजूद नकदी का एक हिस्सा कटे-फटे या क्षतिग्रस्त नोटों का होता है, जिन्हें एटीएम में नहीं डाला जा सकता। ऐसे में पर्याप्त नकदी होने के बावजूद कुछ एटीएम खाली रह जाते हैं।
ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में ज्यादा परेशानी
मिली जानकारी के अनुसार नकदी की कमी का असर सबसे ज्यादा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में देखा गया है। आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों से एटीएम में कैश उपलब्ध नहीं होने की शिकायतें अपेक्षाकृत अधिक सामने आई हैं। अब RBI की जांच के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि समस्या संचालन व्यवस्था से जुड़ी है या नकदी प्रबंधन में कहीं कमी रह गई है।