राजेश सोनी, डबरा : डबरा की पहचान पहले शुगर मिल के नाम से जानी जाती थी लेकिन अब नवग्रह शक्तिपीठ के नाम से जाना जाएगा , डबरा में यह मंदिर नवग्रह शक्ति पीठ एशिया का सबसे बड़ा और विश्व का अद्वितीय नवग्रह मंदिर होने जा रहा है, जहां सभी ग्रह सपत्नीक विराजमान होंगे। जिसका निर्माण लगभग 13 वर्षों में हुआ हैं।
इतना भव्य है मंदिर
यह मंदिर गोलाकार आकृति में बनाया गया है जिसके मध्य में सूर्य देव अपनी पत्नी के साथ विराजमान है और आसपास सभी देवता भी अपनी पत्नी के साथ विराजमान है वही एक भव्य कुंड भी बनाया गया है , इस पीठ की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन आगामी 11 से 20 फरवरी तक किया जाएगा। इस आयोजन कई राजनीतिक हस्तियां और साधु संत भी इस आयोजन में शामिल होंगे।
बागेश्वर बाबा का लगेगा दरबार
इस दौरान 17 से 19 फरवरी तक बागेश्वर धाम सरकार के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री की तीन दिवसीय कथा और दिव्य दरबार का आयोजन होगा। जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं को आने की संभावना है जिसे लेकर आयोजन समिति तैयारी में जुड़ चुकी है।
कार्यक्रम के आयोजक पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंगलवार को बागेश्वर धाम जाकर बालाजी के चरणों में नारियल अर्पित किया और शास्त्रीजी को समारोह में आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने सादर स्वीकार कर लिया। यह नवग्रह शक्ति पीठ सनातन धर्म की आस्था, विज्ञान और ऊर्जा का अद्वितीय संगम बनेगा, जहां नवग्रहों की विराट मूर्तियाँ श्रद्धालुओं के लिए दर्शन और साधना का केंद्र होंगी।