बिलासपुर। छत्तीसगढ़ की बेटी एंजेल चौकसे ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए Mrs India International Queen Alluring 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया है। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल बिलासपुर बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ को गौरवान्वित किया है। एंजेल का कहना है कि यह ताज केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि उनके परिवार, शहर और प्रदेश का सम्मान है।
दिल्ली में अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाया प्रतिभा का दम
नई दिल्ली के होटल लीला इंटरनेशनल में आयोजित प्रतिष्ठित Mrs India International Queen Alluring 2026 प्रतियोगिता में भारत समेत कई देशों की प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। पांच दिनों तक चले इस आयोजन में कैटवॉक, टैलेंट राउंड, ग्रूमिंग, पब्लिक स्पीकिंग, पर्सनैलिटी असेसमेंट और प्रश्नोत्तर जैसे कई कठिन चरण आयोजित किए गए। एंजेल चौकसे ने हर राउंड में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए फाइनल में विजेता बनने का गौरव हासिल किया।
संयुक्त परिवार बना सफलता की सबसे बड़ी ताकत
एंजेल चौकसे ने अपनी उपलब्धि का सबसे बड़ा श्रेय अपने संयुक्त परिवार को दिया। उन्होंने बताया कि उनके पति रितेश चौकसे, एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही बेटी विनस चौकसे, माता-पिता और सास-ससुर ने हर कदम पर उनका साथ दिया। परिवार के विश्वास और सहयोग ने उन्हें अपने अधूरे सपनों को दोबारा जीने का आत्मविश्वास दिया।
कॉलेज से शुरू हुआ था मॉडलिंग और ग्रूमिंग का सफर
होम साइंस की पढ़ाई के दौरान एंजेल ने कॉलेज की ब्यूटी प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था, जहां उन्हें 'मिस होम साइंस' का खिताब मिला। इसी उपलब्धि ने उनके भीतर फैशन, व्यक्तित्व विकास और मॉडलिंग के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना जगाया।
42 वर्ष की उम्र में चुनौतीपूर्ण रहा सफर
एंजेल बताती हैं कि इस प्रतियोगिता की तैयारी उन्होंने लगभग एक वर्ष तक की। 42 वर्ष की उम्र में फिटनेस बनाए रखना, अनुशासित दिनचर्या अपनाना और मानसिक रूप से मजबूत रहना आसान नहीं था। उन्होंने नियमित व्यायाम, संतुलित आहार, कैटवॉक अभ्यास, ग्रूमिंग, पब्लिक स्पीकिंग और व्यक्तित्व विकास पर लगातार मेहनत की। कई कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया।
कई देशों की प्रतिभागियों से हुआ मुकाबला
इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, दुबई, कतर, अमेरिका और लंदन से भी प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। कड़े मुकाबले के बीच एंजेल चौकसे ने अपनी प्रतिभा, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए खिताब अपने नाम किया।
जीत से मिला जीवनभर का अनुभव
एंजेल का कहना है कि इस प्रतियोगिता ने उन्हें केवल एक ताज नहीं दिया, बल्कि विभिन्न देशों की संस्कृति, सोच और जीवनशैली को करीब से समझने का अवसर भी प्रदान किया। उनके अनुसार यह अनुभव उनके जीवन की सबसे मूल्यवान उपलब्धियों में से एक रहेगा।
महिलाओं और बेटियों के नाम प्रेरणादायक संदेश
अपनी सफलता के बाद एंजेल चौकसे ने सभी महिलाओं और बेटियों से अपील की कि वे कभी भी अपने सपनों को उम्र या परिस्थितियों के कारण अधूरा न छोड़ें। उन्होंने कहा, "सपनों की कोई उम्र नहीं होती। अगर आत्मविश्वास, मेहनत और दृढ़ संकल्प हो तो किसी भी उम्र में सफलता हासिल की जा सकती है।"