अंबिकापुर जिला संवाद 2026 : छत्तीसगढ़ सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के मौके पर जिले के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और जमीनी समस्याओं पर चर्चा के लिए हरिभूमि आईएनएच द्वारा जिला संवाद कार्यक्रम का आयोजन अंबिकापुर में सरगवां द पैलेस रिसॉर्ट में किया जा रहा है। इसमें जिले के विकास पर सीधे और खुले मंच से चर्चा की जा रही है। हरिभूमि INH के प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने जिले के पुलिस अधीक्षक राजेश अग्रवाल और कलेक्टर अजीत बंसल से जिले के विकास और समस्याओं पर विशेष चर्चा की।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: लोग आपसे अच्छा क्या चाह रहे हैं?
अजीत बंसल, कलेक्टर: जिले में जो राजनीतिक जागरूकता है, वह प्रशंसनीय है। जिले में शासन की योजनाओं का सूक्ष्म स्तर पर विश्लेषण किया जाता है। जिले में खनन एक ज्वलंत मुद्दा है और शासकीय भूमियों का संरक्षण भी यहां एक चुनौती है। यदि हम पर्यटन के क्षेत्र में अपने पड़ोसी राज्यों से तुलना करें तो वहां पर्यटन क्षेत्र में काफी विकास हुआ है। इन सभी विषयों को मैंने अपनी प्राथमिकता में रखा है।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: चुनौती क्या है?
अजीत बंसल, कलेक्टर: शासन की भूमि का संरक्षण करना जरूरी है, क्योंकि जो भी विकास कार्य होंगे, उनके लिए सबसे पहले भूमि की आवश्यकता होती है। इसलिए हर जिले में इतनी मात्रा में भूमि होनी चाहिए कि कोई भी परियोजना आए तो उसे पर्याप्त भूमि मिल सके। इसीलिए शासकीय भूमियों का संरक्षण आवश्यक है। रही बात निजी भूमि की, तो शासन नियमों के तहत ही अधिग्रहण करती है।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: कितने तनाव से गुजर रहे हैं आपके दिन?
राजेश अग्रवाल, एसपी: सरगुजा में पहले की स्थिति और अब की स्थिति में काफी परिवर्तन आया है। हमारे सरगुजा का समाज सभ्य समाज है, अपराधों से दूर रहने का प्रयास करता है। हालांकि अपराध पूरी तरह समाप्त नहीं किए जा सकते, इसलिए घटनाएं होती हैं, लेकिन अब वैसी स्थिति नहीं है। छोटे-मोटे अपराध होते रहते हैं। पहले जो अपराध होते थे, उस प्रकार के अपराध अब नहीं होते। जिले के लोग मिलनसार और सहयोगी हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: यहां के लोग चाकूबाजी ठीक-ठाक सीख रहे हैं...
राजेश अग्रवाल, एसपी: हम रायपुर, दुर्ग और बस्तर जैसे कई स्थानों पर नौकरी कर चुके हैं। जिस प्रकार की चाकूबाजी की घटनाएं वहां होती हैं, वैसी स्थिति हमारे सरगुजा में नहीं है। छोटे-मोटे बच्चे जो नशे के फेर में पड़कर चाकू चला देते हैं, उस प्रकार की घटनाएं होती हैं। उन पर भी हम तत्काल कार्रवाई कर रहे हैं। नशा मुक्ति अभियान के माध्यम से हम युवाओं के बीच जाकर इसे रोकने का प्रयास कर रहे हैं।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: वैध नशे के कारोबार की कोई गुंजाइश है क्या यहां?
राजेश अग्रवाल, एसपी: अवैध नशे से संबंधित यह है कि दूसरे राज्यों से जो नशीली चीजें आती हैं, उन्हें रोकने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी साल हम करीब 5 हजार इंजेक्शन और दवाएं पकड़ चुके हैं। नशे का सामान लाने वालों को भी गिरफ्तार किया गया है।
डॉ. हिमांशु द्विवेदी: अंबिकापुर में ट्रैफिक ज्यादा है, क्या आपका ध्यान इस ओर है?
राजेश अग्रवाल, एसपी: हमारा पूरा ध्यान इस पर है और काम चल रहा है। हमारे जो लाइफ लाइन और बायपास क्षेत्र हैं, वहां से पांच सड़कें आती हैं और उन्हीं से अलग-अलग रूट पर यातायात जाता है, जिसके कारण हाईवे पर ट्रैफिक बढ़ जाता है। सरकार के सहयोग से एक नया बायपास बन रहा है, जिससे शहर में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है। हमने शहर के भीतर कई स्थान पार्किंग के लिए चिह्नित किए हैं और वहां पार्किंग व्यवस्था विकसित करने पर काम किया जा रहा है।