भोपाल। मध्यप्रदेश में फिलहाल मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं, जिससे राज्य के 35 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग के अनुसार 19 जुलाई से पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) और साइक्लोनिक सर्कुलेशन के प्रभाव से मौसम फिर करवट ले सकता है और कई इलाकों में तेज बारिश होने की संभावना है।
इन जिलों में बारिश और आंधी चलने का अनुमान
गुरुवार को इंदौर, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, भिंड, दतिया, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी जिलों में हल्की बारिश के साथ तेज हवा चलने का अनुमान है।
यहां गर्मी बढ़ाएगी परेशानी
वहीं मुरैना, ग्वालियर, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, देवास, उज्जैन, आगर-मालवा, रतलाम, नीमच और मंदसौर में गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।
मजबूत बारिश का सिस्टम एक्टिव नहीं
मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल राज्य में कोई मजबूत बारिश का सिस्टम एक्टिव नहीं है. यही कारण है कि अगले कुछ दिनों तक ज्यादातर जिलों में केवल हल्की बारिश होने की संभावना है. आज भी कई इलाकों में बादल छाए रहेंगे तो कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।
19 जुलाई से एक बार फिर बदलेगा मौसम का मिजाज
19 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम बनने की संभावना है. इसके सक्रिय होने के बाद मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं और कई जिलों में अच्छी बारिश देखने को मिलेगी, जबकि कुछ जगहों पर भारी बारिश भी हो सकती है।