रायपुर— प्रदेश स्वास्थ्य मितानिन संघ एवं प्रशिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया से मुलाकात कर मितानिनों और प्रशिक्षकों से जुड़ी विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा की। जिसके बाद मितानिनों का आंदोलन स्थगित हो गया है।
चर्चा के दौरान सचिव ने बताया कि मितानिनों की प्रोत्साहन राशि में 50 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जा चुका है। प्रतिनिधिमंडल ने इस निर्णय का स्वागत किया और अन्य लंबित मुद्दों पर भी चर्चा की।
प्रशिक्षकों, हेल्प डेस्क व समन्वयकों के लिए मानदेय निर्धारण पर चर्चा
बैठक में आरओपी (RoP) के तहत प्रशिक्षकों के लिए 16 रुपये प्रतिदिन, हेल्प डेस्क फैसिलिटेटर के लिए 23 रुपये प्रतिदिन, तथा ब्लॉक समन्वयकों के लिए 1875 रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किए जाने के विषय पर भी सकारात्मक चर्चा हुई। स्वास्थ्य विभाग ने संकेत दिया कि इन प्रस्तावों पर जल्द ही निर्णय लिया जा सकता है।
मितानिन कार्यक्रम के संचालन के लिए SHSRC का गठन
पूर्व में मितानिन कार्यक्रम को संचालित करने वाली संस्था का कार्य समाप्त हो चुका है। अब भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य स्वास्थ्य संसाधन केंद्र (SHSRC) का गठन किया गया है। इस संस्था के माध्यम से मितानिन कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा।
SHSRC की सामान्य सभा के अध्यक्ष स्वास्थ्य सचिव होंगे, जबकि कार्यकारी समिति के अध्यक्ष स्वास्थ्य आयुक्त होंगे। यह नया ढांचा मितानिनों के हित में कार्य को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।
बैठक में उच्चस्तरीय अधिकारी और संघ प्रतिनिधि रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रदेश स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, आयुक्त एवं राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की संचालक डॉ. प्रियंका शुक्ला, मितानिन कार्यक्रम के नोडल अधिकारी डॉ. अजय शंकर कन्नौजे, तथा प्रदेश मितानिन संघ व प्रशिक्षक कल्याण संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।