नई दिल्ली। E20 ईंधन नीति के विरोध में आम आदमी पार्टी ने राजधानी दिल्ली में बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में निकाला गया मार्च प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहा था, लेकिन दिल्ली पुलिस ने फिरोजशाह रोड पर बैरिकेडिंग कर जुलूस को रोक दिया। इसके बाद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने समर्थकों के साथ सड़क पर बैठकर धरना शुरू कर दिया।
लाखों लोगों की याचिका प्रधानमंत्री तक पहुंचाने का दावा
AAP ने दावा किया कि देशभर से 2.30 लाख से अधिक नागरिकों ने E20 ईंधन नीति के विरोध में हस्ताक्षर किए हैं। पार्टी इन हस्ताक्षरों के साथ तैयार ज्ञापन प्रधानमंत्री को सौंपना चाहती थी। मार्च रोके जाने के बाद नेताओं ने यह ज्ञापन पुलिस अधिकारियों को सौंप दिया, ताकि इसे प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंचाया जा सके।
प्रधानमंत्री से संवाद की मांग
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने पहले भी प्रधानमंत्री को पत्र और संदेश भेजकर E20 नीति पर चर्चा के लिए समय मांगा था, लेकिन अब तक कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मुद्दे पर जनता की राय सुननी चाहिए और खुली चर्चा करनी चाहिए।
E20 नीति पर उठाए सवाल
धरने को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि सरकार बिना पर्याप्त जनसंवाद के E20 नीति लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि इस फैसले का असर करोड़ों वाहन मालिकों पर पड़ेगा, इसलिए नीति की समीक्षा आवश्यक है। उन्होंने लोगों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाने की अपील भी की।
E20 के विकल्प की मांग
आम आदमी पार्टी ने मांग की कि देश के सभी पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को सामान्य पेट्रोल और E20 पेट्रोल दोनों में से अपनी पसंद का विकल्प मिले। साथ ही E20 ईंधन की कीमतों को कम करने और इसके तकनीकी व आर्थिक प्रभावों पर स्वतंत्र समीक्षा कराने की भी मांग की गई।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
AAP नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार उनकी मांगों पर विचार नहीं करती है तो E20 नीति के विरोध में आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि यह अभियान केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि आम उपभोक्ताओं और वाहन चालकों के हितों से जुड़ा मुद्दा है।