दमोह : मध्यप्रदेश के दमोह जिले से एक हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है। जहां आंगनवाड़ी में कड़ी-चावल खाने के बाद से दो दर्जन से अधिक बेहोश हो गए। जिन्हे आनन फानन में इलाज के लिए भर्ती करवाया गया। कुछ बच्चों की हालत फ़िलहाल गंभीर बताई जा रही है। तो वही कुछ की हालत सामान्य बताई जा रही है। जब इस बात की जानकारी महिला बाल विकास के अधिकारी संजीव मिश्रा को लगी तो मौके पर अस्पताल पहुंचे और बच्चों का हाल चाल जाना।
उल्टी, दस्त की परेशानी से ग्रस्त बच्चे
बता दें कि ये पूरा मामला दमोह जिले के हिंडोरिया थाना क्षेत्र का है। जहां पर हर दिन की तरह बच्चे आंगनवाड़ी पहुंचे और दोपहर का खाना खाने के बाद उनकी तबियत ख़राब हो गई। जानकारी के अनुसार बच्चों को खाने में गुरुवार को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सुनीता जैन ने पहले खिचड़ी दी और उसके बाद बच्चों को कढ़ी चावल खिलाया। जिसका सेवन करते ही कुछ देर बाद बच्चों के पेट में दर्द शुरू हो गया और उन्होंने उल्टी, दस्त होने लगे और बेहोशी की हालत में पहुंचने लगे। जिसके बाद आनन फानन में बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करवाया।
कार्यकर्ताओं पर लापरवाही का आरोप
वही जब बच्चों के परिजनों को इस बात की जानकारी लगी तो वो मौके पर पहुंचे और कार्यकर्ताओं पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। इधर मामले की गंभीरता को देखते हुए महिला बाल विकास अधिकारी संजीव मिश्रा ने पीड़ित बच्चों के परिजनों को आश्वाशन देते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करने की बात कही।
बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी
महिला बाल विकास अधिकारी संजीव मिश्रा ने बताया कि यह फूड पॉइजनिंग से जुड़ा मामला है। मौके के लिए टीम रवाना की गई है। खाने की जांच की जाएगी। यदि कोई दोषी होता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। इस दौरान उनके साथ मौके पर एसडीएम आरएल बागरी , तहसीलदार मोहित जैन और अन्य स्टाफ मौजूद रहे। फ़िलहाल बच्चों का इलाज अस्पताल में जारी है।