इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के नजदीक एक दर्दनाक रेल हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया है। दो ट्रेनों की आमने-सामने हुई टक्कर में कम से कम 14 यात्रियों की जान चली गई, जबकि 80 से ज्यादा लोग घायल हो गए। हादसे की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई डिब्बे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और कुछ पटरी से उतरकर एक-दूसरे पर चढ़ गए।
घटना कैसे घटी?
जानकारी के अनुसार, यह दुर्घटना बेकासी तिमुर स्टेशन के पास हुई, जो जकार्ता से करीब 25 किलोमीटर दूर है। बताया जा रहा है कि एक कम्यूटर ट्रेन ट्रैक पर खड़ी थी या धीमी गति से आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान उसी ट्रैक पर तेज रफ्तार से आ रही एक लंबी दूरी की ट्रेन ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि आसपास के इलाके में तेज आवाज गूंज उठी और लोग घबराकर मौके की ओर दौड़ पड़े। कुछ डिब्बों के अंदर बैठे यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला।
मृतकों और घायलों का आंकड़ा
सरकारी रेलवे कंपनी PT Kereta Api Indonesia (KAI) ने हादसे में 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। वहीं 80 से अधिक घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
राहत-बचाव अभियान में जुटी टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही सेना, दमकल विभाग और बचाव दल तत्काल मौके पर पहुंच गए। क्षतिग्रस्त डिब्बों में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर और अन्य उपकरणों की मदद ली गई। कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जबकि कुछ को निकालने में घंटों का समय लगा।
घायलों को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया और मौके पर अस्थायी चिकित्सा व्यवस्था भी की गई, ताकि प्राथमिक उपचार तुरंत दिया जा सके।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बयां किया मंजर
हादसे के समय मौजूद यात्रियों ने बताया कि अचानक जोरदार झटका लगा और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। एक यात्री के अनुसार, कम्यूटर ट्रेन का पिछला हिस्सा पूरी तरह से टूट गया था और कई लोग सीटों से गिर पड़े।
आसपास मौजूद लोगों ने भी बताया कि हादसे के बाद का दृश्य बेहद भयावह था। लोग अपने परिजनों को ढूंढते नजर आए और हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था।
हादसे की वजह की जांच जारी
फिलहाल इस दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है। अधिकारियों ने जांच के आदेश दे दिए हैं और कई पहलुओं पर जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर सिग्नल सिस्टम में गड़बड़ी, संचार में कमी या मानवीय गलती जैसे कारणों को संभावित माना जा रहा है।