भोपाल : राजधानी भोपाल में आदिवासी छात्रों से बदसलूकी करने के चलते टीआई रतन सिंह परिहार को बुधवार को निलंबित कर दिया गया। रतन सिंह परिहार ने मंगलवार को प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार ( गाली गलौज ) किया था। जिसका वीडियो वायरल होने के बाद सीएम ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। यह पूरा मामला भोपाल के मिसरोद इलाके का है।
यहीं कूट दूंगा’ कहते सुनाई दे रहे टीआई
जानकारी के अनुसार, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्टूडेंट विंग ने छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान टीआई रतन सिंह परिहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे प्रदर्शनकारी छात्रों को कथित तौर पर गाली देते और ‘यहीं कूट दूंगा’ कहते सुनाई दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने मामले को संज्ञान में लिया
वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी विधायक और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने घटना को बताया दुखद
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि सरकार आदिवासियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘जय जोहार’ आदिवासी समाज का सम्मानजनक अभिवादन है। मामले की जांच में यदि अन्य लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल। राजधानी भोपाल के मिसरोद इलाके में प्रदर्शन कर रहे आदिवासी छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। मिसरोद थाना प्रभारी रतन सिंह परिहार को निलंबित कर दिया गया है। मामले में विभागीय जांच के भी आदेश दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी की स्टूडेंट विंग ने छात्रों की समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया था। इसी दौरान टीआई रतन सिंह परिहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वे प्रदर्शनकारी छात्रों को कथित तौर पर गाली देते और ‘यहीं कूट दूंगा’ कहते सुनाई दे रहे हैं।
वीडियो सामने आने के बाद आदिवासी विधायक और विभिन्न आदिवासी संगठनों ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले पर मुख्यमंत्री ने संज्ञान लिया, जिसके बाद निलंबन की कार्रवाई की गई।
राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने घटना को दुखद बताते हुए कहा कि सरकार आदिवासियों के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ‘जय जोहार’ आदिवासी समाज का सम्मानजनक अभिवादन है। मामले की जांच में यदि अन्य लोग भी दोषी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल विभागीय जांच के जरिए पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।