मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिख रहा है। Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने ईरान की सत्ता और रणनीतिक फैसलों पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। अमेरिकी थिंक टैंक Institute for the Study of War की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, बीते 48 घंटों में ईरान के भीतर शक्ति संतुलन तेजी से बदला है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि IRGC कमांडर Ahmad Vahidi अब देश के सबसे प्रभावशाली शख्स बनकर उभरे हैं, जिन्होंने सैन्य और कूटनीतिक दोनों मोर्चों पर नियंत्रण मजबूत किया है।
कूटनीति पर भी सेना का नियंत्रण, अराघची की भूमिका कमजोर
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi की भूमिका इस बदलाव के बाद कमजोर होती नजर आ रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अराघची जहां कूटनीतिक समाधान के पक्ष में थे, वहीं IRGC ने उनके फैसलों को पलट दिया। ईरान के भीतर कट्टरपंथी गुटों ने अराघची पर ‘नरमी’ का आरोप लगाया, जिसके बाद बातचीत के लिए गए प्रतिनिधिमंडल को तेहरान वापस बुला लिया गया। इससे साफ संकेत मिलता है कि अब ईरान की विदेश नीति पर भी सैन्य प्रभाव बढ़ चुका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना टकराव का केंद्र
तनाव का सबसे बड़ा असर Strait of Hormuz में देखने को मिल रहा है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। IRGC के निर्देश पर ईरान की फास्ट अटैक बोट्स ने इस समुद्री रास्ते पर गतिविधियां बढ़ा दी हैं। पिछले 48 घंटों में कई जहाजों को निशाना बनाए जाने की खबर है, जिससे सैकड़ों जहाज फारस की खाड़ी में फंस गए हैं। यह स्थिति वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही है।
US-ईरान बातचीत पर संकट, युद्ध की आशंका बढ़ी
United States और Iran के बीच चल रही बातचीत अब लगभग ठप पड़ती दिख रही है। IRGC के बढ़ते प्रभाव के चलते ईरान ने अमेरिकी मांगों को सख्त बताते हुए अगले दौर की बातचीत से इनकार कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पावर शिफ्ट के बाद किसी भी कूटनीतिक समाधान की संभावना बेहद कम हो गई है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंका फिर से बढ़ गई है।
क्या फिर छिड़ेगा बड़ा युद्ध?
मौजूदा हालात यह संकेत दे रहे हैं कि मध्य पूर्व एक बार फिर बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकता है। IRGC की आक्रामक रणनीति, होर्मुज में बढ़ता तनाव और कूटनीतिक गतिरोध ये सभी संकेत एक संभावित बड़े टकराव की ओर इशारा कर रहे हैं। अगर हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में United States और Iran के बीच तनाव खुली जंग में बदल सकता है, जिसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा।