MP Teachers Protest: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल आज एक बार फिर बड़े आंदोलन की गवाह बन रही है। अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के हजारों शिक्षक अध्यापक शिक्षक संयुक्त मोर्चा के बैनर तले दशहरा मैदान में एकत्रित हुए हैं। मुख्यमंत्री अनुरोध यात्रा के जरिए शिक्षक सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। आंदोलन का मुख्य कारण शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता और भर्ती नियमों में किए गए हालिया बदलाव हैं।
क्यों नाराज हैं शिक्षक?
शिक्षकों के इस बड़े विरोध प्रदर्शन के पीछे कई मुद्दे हैं। शिक्षक भर्ती नियमों में TET को अनिवार्य बनाने के फैसले से शिक्षक नाराज हैं। उनका कहना है कि पुराने शिक्षकों पर इसे थोपना उचित नहीं है। सरकार द्वारा इस मामले में दाखिल की गई रिव्यू पिटीशन ने शिक्षकों के गुस्से को और हवा दे दी है। शिक्षकों का मानना है कि सरकार उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान निकालने के बजाय कानूनी उलझनों में मामला लटका रही है। मोर्चा की मांग है कि भर्ती नियमों में संशोधन कर शिक्षकों के हितों का ध्यान रखा जाए और उन फैसलों को वापस लिया जाए जो उनके भविष्य पर संकट खड़ा कर रहे हैं।
50 हजार शिक्षकों के जुटने की संभावना
दशहरा मैदान में सुबह से ही शिक्षकों के आने का सिलसिला जारी है। आंदोलनकारियों का दावा है कि इस प्रदर्शन में प्रदेश के हर जिले से शिक्षक पहुंचे हैं और कुल संख्या 50 हजार के पार जा सकती है। इससे पहले ये शिक्षक ब्लॉक और जिला स्तर पर अपनी नाराजगी जता चुके हैं, लेकिन सुनवाई न होने पर अब राजधानी में 'आर-पार' की लड़ाई का मन बना चुके हैं।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
हजारों शिक्षकों की भीड़ को देखते हुए भोपाल प्रशासन और पुलिस विभाग अलर्ट पर है। दशहरा मैदान और उसके आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शिक्षकों का कहना है कि वे अपनी 'अनुरोध यात्रा' के जरिए शांतिपूर्ण ढंग से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक अपना संदेश पहुंचाना चाहते हैं।