Sugar Price News: महंगाई की मार झेल रहे लोगों के लिए त्योहारों के बीच चीनी की कीमतों को लेकर राहत की खबर सामने आई है। मिल से निकलने वाली चीनी यानी एक्स-मिल कीमत में करीब 30 फीसदी की कमी दर्ज की गई है। कीमत घटने के बाद एक्स-मिल चीनी का भाव करीब 47 रुपये प्रति किलो रह गया है। हालांकि, इस गिरावट का असर फिलहाल खुदरा बाजार में तुरंत दिखाई देने की उम्मीद नहीं है।
त्योहारों के सीजन में चीनी की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में कमी आने से आने वाले दिनों में आम उपभोक्ताओं के घरेलू बजट को राहत मिल सकती है। साथ ही मिठाई, बेकरी, होटल और रेस्टोरेंट कारोबार से जुड़े लोगों को भी इसका फायदा मिलने की संभावना है।
एक्स-मिल चीनी की कीमत में करीब 30% गिरावट
चीनी की कीमत में आई यह कमी सीधे तौर पर खुदरा दुकानों के भाव में नहीं, बल्कि एक्स-मिल स्तर पर देखने को मिली है। एक्स-मिल कीमत वह दर होती है जिस पर चीनी मिल से निकलने के बाद बाजार की सप्लाई चेन में पहुंचती है। कीमत घटने के बाद अब एक्स-मिल चीनी का भाव लगभग 47 रुपये प्रति किलो बताया जा रहा है। इससे उम्मीद जगी है कि आने वाले दिनों में खुदरा बाजार में भी चीनी के दाम नीचे आ सकते हैं।
सरकार के फैसले से बाजार में बढ़ेगी चीनी की सप्लाई
चीनी की कीमत में अचानक आई गिरावट के पीछे सरकार का एक अहम फैसला बताया जा रहा है। सरकार ने निर्यात के लिए तैयार की गई रिफाइंड चीनी को घरेलू बाजार में बेचने की अनुमति दे दी है। इस फैसले के बाद आने वाले महीनों में करीब 3 से 3.5 लाख टन चीनी घरेलू बाजार में पहुंचने की उम्मीद है। बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आने से कीमतों पर दबाव कम होने और उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना है।
दुकानों पर कब सस्ती होगी चीनी?
एक्स-मिल कीमत में कमी का असर खुदरा बाजार में तुरंत दिखाई देना जरूरी नहीं है। चीनी मिल से निकलकर थोक विक्रेताओं और फिर खुदरा दुकानों तक पहुंचने में समय लगता है। जानकारी के मुताबिक, उपभोक्ताओं को दुकानों पर चीनी के दाम में कमी का असर करीब 10 दिन बाद देखने को मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक खुदरा कीमत बाजार की सप्लाई, मांग और अन्य लागत पर भी निर्भर करेगी।
त्योहारों में आम लोगों को मिल सकती है राहत
त्योहारों के दौरान घरों में मिठाई और अन्य पकवान बनाने के लिए चीनी की खपत बढ़ जाती है। ऐसे में यदि खुदरा बाजार में भी कीमतें कम होती हैं तो इसका सीधा फायदा घरेलू बजट पर पड़ सकता है। चीनी सस्ती होने से मिठाई और बेकरी उत्पाद बनाने की लागत में भी कमी आ सकती है। इसके अलावा होटल, रेस्टोरेंट और मिठाई कारोबार से जुड़े व्यापारियों को भी लागत कम होने का फायदा मिल सकता है।
चीनी के दाम घटे तो इन लोगों को होगा फायदा
घरों में अधिक चीनी इस्तेमाल करने वाले परिवारों का मासिक खर्च कम हो सकता है।
मिठाई और बेकरी कारोबार की लागत में कमी आ सकती है।
होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को राहत मिल सकती है।
चीनी आधारित खाद्य उत्पादों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग के बीच उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है।
अभी खुदरा बाजार में इंतजार करना होगा
हालांकि एक्स-मिल कीमत में गिरावट राहत देने वाली है, लेकिन आम ग्राहक को इसका फायदा दुकानों पर कीमत कम होने के बाद ही मिलेगा। इसलिए फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में थोक और खुदरा बाजार में चीनी के भाव किस तरह बदलते हैं।
अगर अतिरिक्त चीनी की सप्लाई बाजार में अपेक्षित मात्रा में पहुंचती है और खुदरा कीमतों में भी कमी आती है, तो त्योहारों के मौसम में महंगाई से परेशान लोगों को कुछ राहत जरूर मिल सकती है।