Singapore PM Salary: सिंगापुर ने करीब 15 साल बाद अपने राजनीतिक नेतृत्व के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव किया है। सरकार ने प्रधानमंत्री और अन्य राजनीतिक पदों के वेतन की नई व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग का सालाना वेतन पैकेज 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर से बढ़कर 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर हो जाएगा। भारतीय मुद्रा में यह रकम करीब ₹27 करोड़ सालाना बैठती है, हालांकि वास्तविक रुपये का मूल्य विनिमय दर के अनुसार बदलता रहेगा। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर 2026 से लागू होगी। इस बदलाव के बाद लॉरेंस वोंग दुनिया के सबसे अधिक वेतन पाने वाले राजनीतिक नेताओं में शामिल हो जाएंगे। सिंगापुर सरकार का कहना है कि वेतन व्यवस्था को आज की आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप बनाने और सक्षम लोगों को राजनीति में आकर्षित करने के लिए यह बदलाव जरूरी है।
15 साल बाद बदला राजनीतिक वेतन ढांचा
सिंगापुर में राजनीतिक पदों के वेतन की पिछली बड़ी व्यवस्था लंबे समय से प्रभावी थी। सरकार के मुताबिक पिछले 15 वर्षों में निजी क्षेत्र और सिविल सेवा के वेतन में बढ़ोतरी हुई, जबकि राजनीतिक पदों के वेतन में उसी अनुपात में बदलाव नहीं किया गया। 2026 में गठित स्वतंत्र समीक्षा समिति ने मौजूदा वेतन ढांचे की समीक्षा की और इसे वर्तमान परिस्थितियों के मुताबिक अपडेट करने की सिफारिश की। सरकार ने समिति की सिफारिशों को स्वीकार कर लिया है।
PM लॉरेंस वोंग को मिलेगा ₹27 करोड़ का पैकेज
नई व्यवस्था में प्रधानमंत्री का सालाना पैकेज 3.6 मिलियन सिंगापुर डॉलर तय किया गया है। सिंगापुर के आधिकारिक विवरण के अनुसार इस पैकेज में 13वें महीने का भुगतान, Annual Variable Component और लक्ष्य पूरे होने पर National Bonus जैसे घटक शामिल हैं। मौजूदा 2.2 मिलियन सिंगापुर डॉलर के मुकाबले यह करीब 64 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। भारतीय मुद्रा में मौजूदा विनिमय दर के आसपास यह रकम लगभग ₹27 करोड़ सालाना बनती है।
वोंग अपनी बढ़ी हुई आय दान करेंगे
प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने वेतन बढ़ोतरी को लेकर यह भी घोषणा की है कि वह अगले पांच वर्षों तक इस बदलाव से मिलने वाली पूरी अतिरिक्त राशि दान करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है और वह दूसरे राजनीतिक पदाधिकारियों से ऐसा करने की अपेक्षा नहीं रखते।
मंत्रियों की सैलरी में भी बदलाव
वेतन सुधार केवल प्रधानमंत्री तक सीमित नहीं है। सिंगापुर ने अन्य राजनीतिक पदों के वेतन ढांचे में भी संशोधन किया है। सरकार ने MR4 मंत्री के संदर्भ वेतन को 1.1 मिलियन सिंगापुर डॉलर से बढ़ाकर 1.8 मिलियन सिंगापुर डॉलर करने की सिफारिश स्वीकार की है। हालांकि मौजूदा मंत्रियों को तुरंत नई संदर्भ राशि पर नहीं पहुंचाया जाएगा। उन्हें 15 अक्टूबर से परिस्थितियों और प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 9 प्रतिशत का एकमुश्त समायोजन मिल सकता है। सरकार के मुताबिक इसके बाद वेतन में आगे होने वाले बदलाव व्यक्तिगत प्रदर्शन और जिम्मेदारियों के आधार पर किए जाएंगे। वर्तमान कार्यकाल के अंत तक MR4 ग्रेड पर बने रहने वाले अधिकांश मंत्रियों का वेतन करीब 1.35 मिलियन सिंगापुर डॉलर के निचले स्तर पर रहने की उम्मीद है।
दुनिया के बड़े नेताओं से क्यों हो रही तुलना?
लॉरेंस वोंग के नए वेतन पैकेज के बाद दुनियाभर में राजनीतिक नेताओं की सैलरी को लेकर तुलना शुरू हो गई है। उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सिंगापुर का प्रधानमंत्री पैकेज अमेरिका समेत कई प्रमुख देशों के शीर्ष राजनीतिक पदों के वेतन से काफी अधिक है। हालांकि, ऐसी तुलना करते समय एक बात ध्यान रखना जरूरी है। अलग-अलग देशों में नेताओं की बेस सैलरी, बोनस, भत्ते, आधिकारिक सुविधाएं और अन्य भुगतान अलग तरीके से निर्धारित किए जाते हैं। इसलिए सिर्फ वार्षिक वेतन की तुलना से किसी नेता के पूरे सरकारी पारिश्रमिक की तस्वीर सामने नहीं आती।
सिंगापुर सरकार का क्या है तर्क?
सरकार का तर्क है कि राजनीतिक नेतृत्व के लिए प्रतिस्पर्धी वेतन जरूरी है, ताकि निजी क्षेत्र और अन्य क्षेत्रों में काम कर रहे योग्य लोगों को सार्वजनिक सेवा में आने के लिए आकर्षित किया जा सके। सिंगापुर का राजनीतिक वेतन ढांचा शीर्ष कमाई करने वाले नागरिकों की आय को आधार बनाता है और सार्वजनिक सेवा की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए इसमें एक निश्चित छूट रखी जाती है। मंत्रियों के वेतन में फिक्स्ड और प्रदर्शन आधारित वैरिएबल हिस्से शामिल हैं।
वेतन बढ़ोतरी पर जनता की नजर
सिंगापुर में राजनीतिक नेताओं की सैलरी हमेशा चर्चा का विषय रही है। खुद लॉरेंस वोंग ने माना है कि यह एक संवेदनशील और भावनात्मक मुद्दा है, क्योंकि नेताओं को मिलने वाली रकम आम नागरिकों की आय की तुलना में बहुत अधिक है। सरकार का मानना है कि पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी वेतन व्यवस्था लंबे समय में सक्षम नेतृत्व को बनाए रखने में मदद कर सकती है। दूसरी ओर, इतनी बड़ी वेतन वृद्धि को लेकर सार्वजनिक बहस भी तेज होने की संभावना है।