जगदलपुर शहर में इन दिनों रसोई गैस की कमी को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति प्रभावित होने के बाद स्थानीय बाजार में भी एलपीजी की उपलब्धता कम होने की चर्चा तेज हो गई है। शहर की कई गैस एजेंसियों में उपभोक्ताओं को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, जिसके कारण लोगों को लंबी कतारों में इंतजार करना पड़ रहा है।
गैस बुकिंग की प्रक्रिया में मिस्ड कॉल और ओटीपी की अनिवार्यता ने भी उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि मिस्ड कॉल देने के बाद भी कई दिनों तक ओटीपी नहीं पहुंचता, जिससे बुकिंग नहीं हो पा रही और सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है।
गैस की कमी से होटल-रेस्टोरेंट पर असर
रसोई गैस की कमी का असर शहर के होटल और रेस्टोरेंट व्यवसाय पर भी दिखाई देने लगा है। नयापारा क्षेत्र में स्थित सोमापा रेस्टोरेंट और उससे लगा ओपल फूड जंक्शन पिछले कई दिनों से बंद बताए जा रहे हैं। वहीं न्यू नरेंद्र टॉकीज के सामने स्थित एक प्रसिद्ध बिरयानी रेस्टोरेंट भी गैस की कमी के कारण बंद है।
ओपल फूड जंक्शन के संचालक संजीव पचौरी के अनुसार गैस सिलेंडर नहीं मिलने से होटल संचालन करना मुश्किल हो गया, जिसके कारण अस्थायी रूप से दुकान बंद करनी पड़ी। सोमापा रेस्टोरेंट के संचालक सुमित गुप्ता ने भी गैस की किल्लत को इसकी मुख्य वजह बताया।
1100 का सिलेंडर 4 हजार तक में बिक रहा
गैस की कमी का फायदा उठाकर शहर में कालाबाजारी भी बढ़ने लगी है। सामान्य तौर पर लगभग 1100 रुपये में मिलने वाला घरेलू गैस सिलेंडर इन दिनों 2 हजार से 4 हजार रुपये तक में बेचे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, करीब 900 रुपये में मिलने वाला घरेलू सिलेंडर अब 1900 से 2000 रुपये में बेचा जा रहा है। वहीं 1900 रुपये का व्यावसायिक गैस सिलेंडर दलालों द्वारा लगभग 4 हजार रुपये तक में बेचा जा रहा है।
सप्लाई प्रभावित होने से बढ़ी दिक्कत
मामले की पड़ताल के दौरान गैस वितरकों ने भी सप्लाई में दिक्कत की बात स्वीकार की। उनका कहना है कि रायपुर से गैस सिलेंडरों का नियमित परिवहन नहीं हो पाने के कारण फिलहाल सीमित मात्रा में ही सिलेंडर उपलब्ध हो पा रहे हैं।
वितरकों के अनुसार बुकिंग के बाद ओटीपी मिलने में भी समस्या आ रही है, क्योंकि सिस्टम पर अचानक दबाव बढ़ गया है और सप्लाई कम होने से वितरण प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।
दलालों का नेटवर्क सक्रिय
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि गैस की अधिक मांग का फायदा उठाकर दलालों का नेटवर्क सक्रिय हो गया है। एक दलाल ने ग्राहक बनकर पहुंचे व्यक्ति को प्रति सिलेंडर साढ़े तीन हजार से चार हजार रुपये तक में गैस उपलब्ध कराने की बात कही।
उसका दावा था कि बस्तर से लगे ओडिशा क्षेत्र से सिलेंडर ऊंचे दामों पर मंगवाकर यहां तक पहुंचाए जाते हैं और परिवहन खर्च जोड़कर उन्हें महंगे दामों में बेचा जाता है।
कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
जिला खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जिले में आधिकारिक रूप से गैस की कोई कमी नहीं है। यदि कहीं कालाबाजारी या निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूली की शिकायत मिलती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ खाद्य अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग का दावा है कि गैस वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।