Narmadapuram: सोशल मीडिया पर रसूख दिखाने या खुद को भगवान साबित करने की चाहत कभी-कभी सरकारी नौकरी पर भारी पड़ जाती है। ऐसा ही एक मामला नर्मदापुरम जिले में देखने को मिला है, जहां भगवान विष्णु और श्री गणेश की तस्वीरों पर अपना चेहरा लगाकर व्हाट्सएप स्टेटस पोस्ट करने वाले स्वास्थ्य विभाग के मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर सुनील साहू को सस्पेंड कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस अभद्र कृत्य पर सख्त कार्रवाई करते हुए निलंबन आदेश जारी किया है।
स्टेटस से भड़का जनता का गुस्सा
जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद 14 मई को तब शुरू हुआ जब स्वास्थ्यकर्मी सुनील साहू ने अपने व्हाट्सएप पर कुछ विवादित तस्वीरें पोस्ट कीं। पोस्ट की गई तस्वीरों में भगवान विष्णु और भगवान गणेश के धड़ पर स्वास्थ्यकर्मी ने अपना चेहरा लगाया हुआ था। जैसे ही यह स्टेटस लोगों की नजरों में आया, इसकी चौतरफा निंदा शुरू हो गई। इंटरनेट यूजर्स और स्थानीय नागरिकों ने इस पर तीखी आपत्ति जताते हुए लिखा कि "क्या सरकारी कर्मचारी अब खुद को भगवान समझने लगे हैं?। धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की शिकायतों के बाद, सीएमएचओ डॉ. नरसिंह गेहलोत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 15 मई (शुक्रवार) को सुनील साहू के निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
मुख्यालय किया अटैच
निलंबन की इस कार्रवाई के साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने सुनील साहू के कार्यक्षेत्र में भी बड़ा बदलाव किया है। सुनील साहू का मूल काम उप स्वास्थ्य केंद्रों में एएनएम और सीएचओ के साथ समन्वय कर फील्ड की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को देखना था। अब उन्हें फील्ड के सभी कार्यों से तत्काल प्रभाव से बेदखल कर दिया गया है और जिला स्वास्थ्य मुख्यालय में अटैच किया गया है।
बचाव में बोले स्वास्थ्यकर्मी
विवाद बढ़ने और नौकरी पर खतरा मंडराते देख आरोपी स्वास्थ्यकर्मी सुनील साहू ने अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने इस पूरी गलती का ठीकरा अपनी बेटी और आधुनिक तकनीक पर फोड़ते हुए कहा कि मेरा मोबाइल मेरी बेटी के पास था। उसने एआई चैट जीपीटी तकनीक का इस्तेमाल कर ये तस्वीरें तैयार की थीं और अनजाने में उन्हें स्टेटस पर लगा दिया। मेरा इरादा किसी भी समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करने का बिल्कुल नहीं था। इस अनपेक्षित भूल के लिए मैं सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुका हूं। हालांकि, स्वास्थ्य विभाग ने इस सफाई को पर्याप्त न मानते हुए अनुशासनहीनता और गरिमा के विपरीत आचरण के तहत निलंबन की कार्रवाई को सही ठहराया है। अब इस मामले की विभागीय जांच की जा रही है।