Monalisa Case: महेश्वर की चर्चित 'वायरल गर्ल' मोनालिसा और फरमान के विवाह मामले में अब राजनीतिक और कानूनी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने एक वीडियो संदेश जारी कर इस पूरे मामले में हुए नए खुलासे पर अपनी बात रखी है। सांसद ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग की जांच में मोनालिसा के नाबालिग होने की पुष्टि हो गई है।
जांच में हुआ बड़ा खुलासा
सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने वीडियो में कहा कि उनके संसदीय क्षेत्र महेश्वर की पारधी जनजाति समाज की बेटी मोनालिसा के मामले में उन्होंने पहले ही उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी। सांसद के अनुसार, जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि युवती नाबालिग थी और सुनियोजित तरीके से गलत दस्तावेजों के आधार पर उसका विवाह कराया गया था।
फरमान पर कानूनी शिकंजा
सांसद ने इस गंभीर मामले में त्वरित संज्ञान लेने के लिए राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष अंतर सिंह आर्य का आभार व्यक्त किया है। सांसद ने जानकारी दी कि अब इस मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई का दौर शुरू हो चुका है। आरोपी फरमान के खिलाफ POCSO (पॉक्सो एक्ट), SC/ST (एट्रोसिटी एक्ट) और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
बेटियों की सुरक्षा पर अपील
वीडियो के अंत में सांसद ने समाज से सजग रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।