वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शीर्ष व्यापार सलाहकार पीटर नवारो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच घनिष्ठता को 'चिंताजनक' बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को रूस के बजाय अमेरिका, यूरोप और यूक्रेन के साथ खड़ा होना चाहिए। उनकी यह टिप्पणी सोमवार को तियानजिन में शंघाई इतर तीनों नेताओं द्वारा सहयोग संगठन (एससीओ) के वार्षिक शिखर सम्मेलन से घनिष्ठता प्रदर्शित किए जाने के बाद आई है। पुतिन, मोदी और शी के बीच 'एकजुटता के प्रदर्शन' के बारे में पूछे पर नवारो ने सोमवार को अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय 'व्हाइट हाउस' में पत्रकारों से कहा, 'यह चिंताजनक है, बहुत चिंताजनक है।
भारत पर 50 फीसदी टैरिफ:
भारत पर 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क और रूसी तेल की खरीदने के लिए ट्रंप ने अतिरिक्त 25 प्रतिशत शुल्क लगाया है। जिससे अब भारत पर शुल्क लगभग 50 प्रतिशत हो गई है, बता दें कि ये दुनिया में सबसे अधिक शुल्क बताई जा रही है। भारत ने इन शुल्कों को विवेकहीन और अनुचित बताया है। भारतरूसी कच्चे तेल की अपनी खरीद के पक्ष पर बचाव करते हुए कहा, उसकी ऊर्जा खरीद बाजार की परिस्थितियों से प्रेरित और राष्ट्रीय हित है। जब से पश्चिमी देशों ने यूक्रेन पर हमले के बाद से रूसी कच्चे तेल पर प्रतिबंध लगा दिया है, तब से रूस ने भारत की शीर्ष ऊर्जा आपूर्ति की है।
यूक्रेन में शांति लाएं मोदी:
नवारो ने कहा, नयी दिल्ली की भूमिका यूक्रेन में शांति लाने में कहीं न कहीं अहम रही है, और अब वक्त है कि आगे आकर (प्रधानमंत्री मोदी) अपनी भूमिका निभाएं। उन्होंने आगे कहा, मोदी का मैं बेहद सम्मान करता हूं और भारतीय लोगों से भी बेहद मैं लगाव रखता हूं। मोदी वॉर कहने वाले यूक्रेन संघर्ष को नवारो ने कहा कि भारत जैसे दुनिया के बड़े देशों में सबसे अधिक शुल्क लगता है और जिस सच्चाई को मानने से वह इंकार कर रहा है।