छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मैट्रिमोनियल के नाम पर चल रहे एक बड़े ठगी गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। कार्रवाई के दौरान फर्जी कॉल सेंटर से दर्जनभर से ज्यादा युवतियों को हिरासत में लिया गया, जो कॉलिंग का काम कर रही थीं। पुलिस ने मौके से कई सरकारी विभागों के नकली सील और फर्जी दस्तावेज भी बरामद किए हैं। मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।
शिकायत के बाद पुलिस ने की छापेमारी
पुलिस को लंबे समय से दरोगा पारा इलाके में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शांति देवी सोसायटी एंड एजुकेशन और निधि जन सेवा केंद्र नामक दो संस्थानों पर एक साथ छापा मारा। इस दौरान वहां संचालित फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा हुआ।
कॉल सेंटर से मिलीं कई युवतियां
छापेमारी के दौरान पुलिस को 18 से 22 वर्ष की उम्र की दर्जनभर से अधिक युवतियां मिलीं, जो कॉलिंग का काम कर रही थीं। शुरुआती जांच में पता चला कि इन युवतियों के जरिए लोगों को फोन कर फंसाया जाता था। पुलिस ने संचालक सहित सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मैरिज ब्यूरो के नाम पर ठगी का खेल
जांच में सामने आया कि आरोपी खुद को मैरिज ब्यूरो संचालक बताकर युवकों का रजिस्ट्रेशन करते थे। इसके बाद उन्हें लड़कियों की तस्वीर दिखाकर झांसे में लिया जाता था। फिर कॉल सेंटर के जरिए फर्जी बातचीत कर उनसे पैसे ऐंठे जाते थे। इस तरह सुनियोजित तरीके से लोगों को ठगा जा रहा था।
फर्जी दस्तावेज और सील बरामद
पुलिस को मौके से कई सरकारी विभागों के फर्जी सील और बड़ी संख्या में नकली ड्राइविंग लाइसेंस भी मिले हैं। जांच में इन लाइसेंस पर आरटीओ के फर्जी हस्ताक्षर पाए गए हैं, जिससे साफ है कि गिरोह लंबे समय से संगठित तरीके से ठगी कर रहा था।
ग्राहक सेवा केंद्र के नाम पर चल रहा था नेटवर्क
यह पूरा गिरोह ग्राहक सेवा केंद्र के नाम पर अपना नेटवर्क चला रहा था। दरोगा पारा क्षेत्र में दो अलग-अलग संस्थानों के जरिए इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और इससे जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।
संचालिका ने दी सफाई
मामले में संस्थान की संचालिका ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि वे एक एजुकेशन सोसाइटी चलाती हैं। उनके अनुसार, उन्हें एक व्यक्ति ने “इंडिया मैट्रिमोनियल” नाम की वेबसाइट पर यूट्यूब वीडियो अपलोड करने का काम दिया था। उनका दावा है कि उनके स्टाफ सिर्फ वीडियो अपलोड करते थे और उन्हें इस ठगी के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
पुलिस की जांच जारी
फिलहाल पुलिस इस मामले में गहराई से जांच कर रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। साथ ही जब्त किए गए दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की भी जांच की जा रही है, ताकि इस ठगी के पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।