जबलपुर : मध्य प्रदेश के जबलपुर में लोकायुक्त की टीम ने आये से अधिक संपत्ति के मामले में GST अधिकारी मनीष कुमार जैन के 3 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई कर 4 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा किया। कार्रवाई तीन जिलों में उनके आवाज पर सुबह 06 बजे की गई। जहां लोकायुक्त की करीब 10 सदस्यीय टीम ने जबलपुर, भोपाल और सागर जिले के बंडा में एक साथ छापामार।
करोड़ों की मिली बेनामी संपत्तियां
शुरुआती जांच में अधिकारी की आय की तुलना में 264.64% अधिक अनुपातहीन संपत्ति सामने आई है। लोकायुक्त के आंकड़ों के अनुसार, मनीष जैन की वैध स्रोतों से कुल आय 1 करोड़ 3 लाख 73 हजार 317 रुपए आंकी गई है, जबकि उनके द्वारा किया गया कुल व्यय और संपत्ति निर्माण 3 करोड़ 78 लाख 25 हजार 707 रुपये पाया गया है।
कार्रवाई जारी
जबलपुर स्थित रिलाएबल डेवलपर कॉलोनी में की गई इस कार्रवाई में करीब 4 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है. लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच के अनुसार अधिकारी की ज्ञात आय के मुकाबले 264.64 प्रतिशत अधिक संपत्ति पाई गई है. मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।
2023 में वाणिज्यिक कर अधिकारी बनाया गया
बताया जा रहा हैं कि मनीष कुमार जैन मूल रूप से सागर जिले के बंडा का रहने वाला है। उसने करीब 6 से 7 साल तक संविदा कर्मचारी के रूप में काम किया था। 2008 में उसका चयन वाणिज्यिक कर विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर हुआ। पहली पोस्टिंग जबलपुर में मिली। 2013 में उसे सहायक वाणिज्यिक कर आयुक्त के पद पर प्रमोशन मिला। इसके बाद 2023 में वह वाणिज्यिक कर अधिकारी बन गया। अगस्त 2026 में उसका तबादला जबलपुर से दमोह किया गया था।