छत्तीसगढ़ के कवर्धा जिले में धान खरीदी व्यवस्था की जांच के दौरान बड़ी वित्तीय गड़बड़ी उजागर हुई है। सहसपुर लोहारा क्षेत्र के तीन धान उपार्जन केंद्रों में रिकॉर्ड और वास्तविक भंडारण के बीच भारी अंतर मिलने पर प्रशासन ने तीन केंद्र प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। प्रारंभिक जांच में शासन को 81 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक क्षति होने का अनुमान लगाया गया है।
भौतिक सत्यापन में धान और बारदाने मिले कम
खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की संयुक्त टीम ने बासिझोरी, बिरनपुर और सहसपुर लोहारा केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान 2,441.92 क्विंटल धान और 21,982 खाली बारदाने रिकॉर्ड के अनुरूप नहीं मिले। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीर मानते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
रिकॉर्ड में मिली कई गंभीर खामियां
जांच के दौरान कई तौल पर्चियों में आवश्यक अधिकारियों के हस्ताक्षर नहीं मिले। कई दस्तावेज अधूरे पाए गए, जिससे अधिकारियों को रिकॉर्ड में हेरफेर की आशंका हुई। प्रारंभिक जांच में समिति प्रबंधन से जुड़े कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है।
छह केंद्रों तक पहुंची कार्रवाई
हालिया कार्रवाई के बाद अब तक जिले के छह धान खरीदी केंद्रों के प्रभारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं ताकि अनियमितता में शामिल सभी लोगों की जिम्मेदारी तय की जा सके।
108 केंद्रों का सत्यापन जारी
जिला प्रशासन ने बताया कि जिले में संचालित सभी 108 धान उपार्जन केंद्रों का चरणबद्ध निरीक्षण किया जा रहा है। यदि किसी भी केंद्र में धान खरीदी से जुड़ी गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।