India Weather Alert: देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। मौसम विभाग की चेतावनी के अनुसार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा सहित करीब 26 राज्यों में बारिश, आंधी और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाओं की रफ्तार 90 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। लगातार सक्रिय हो रही मौसम प्रणालियों के कारण खासतौर पर पहाड़ी राज्यों में बाढ़, अचानक जलस्तर बढ़ने और भूस्खलन का जोखिम बढ़ गया है।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में बढ़ी चिंता
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में आने वाले चार दिन मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील माने जा रहे हैं। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन, नदियों और बरसाती नालों का जलस्तर बढ़ने तथा निचले इलाकों में जलभराव की आशंका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और पश्चिम बंगाल-उत्तरी ओडिशा के आसपास निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इसके मजबूत होने की संभावना है। साथ ही मानसून ट्रफ और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता ने मौसम की स्थिति को और प्रभावी बना दिया है। इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त असर से उत्तराखंड के कई हिस्सों में तेज से बहुत तेज बारिश हो सकती है। प्रशासन और स्थानीय लोगों को नदी-नालों तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जम्मू-कश्मीर में बारिश का असर, वैष्णो देवी मार्ग भी प्रभावित
जम्मू-कश्मीर में लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। खराब मौसम के दौरान हिमकोटि क्षेत्र में पत्थर गिरने की घटनाओं के बाद वैष्णो देवी यात्रा के बैटरी मार्ग को कुछ समय के लिए प्रभावित होना पड़ा। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मौसम की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता रखने की जरूरत है।
बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में आंधी-तूफान का अलर्ट
बिहार के कई जिलों में बारिश के साथ तेज हवाएं और आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। भोजपुर, गोपालगंज, पटना, बक्सर और लखीसराय समेत कुछ इलाकों में तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। झारखंड में भी तेज आंधी चलने की संभावना है। वहीं ओडिशा के क्योंझर, मयूरभंज और बालासोर जैसे जिलों के साथ पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का जोखिम बना हुआ है। लगातार बारिश के चलते निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।
मध्य प्रदेश में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य तेज
मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश और जलभराव के बाद प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सतना और रीवा सहित प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की है। प्रभावित लोगों को भोजन, कपड़े और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। चित्रकूट क्षेत्र में फंसे श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर भी प्रशासन नजर बनाए हुए है। सतना जिले के कई गांवों में बचाव अभियान चलाकर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। प्रभावित इलाकों में बचाव उपकरण भेजे जा रहे हैं और एनडीआरएफ सहित अन्य राहत एजेंसियों की मदद ली जा रही है।
राजस्थान में फिलहाल कमजोर पड़ा मानसून
जहां देश के कई राज्यों में तेज बारिश की स्थिति बनी हुई है, वहीं राजस्थान में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर दिखाई दे रही हैं। अगले कुछ दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रह सकता है। बीकानेर, जोधपुर, अजमेर, उदयपुर, जयपुर, भरतपुर और कोटा संभागों में मानसूनी गतिविधियां कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। सितंबर के पहले सप्ताह के दौरान पूर्वी और उत्तरी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां फिर से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
लोगों के लिए जरूरी सावधानी
भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी को देखते हुए लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करना चाहिए। पहाड़ी इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों के किनारे न जाने और जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने की जरूरत है। मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए यात्रा से पहले स्थानीय मौसम अपडेट की जानकारी लेना जरूरी है।