W T20 World Cup 2026: साउथ अफ्रीका की महिला क्रिकेट टीम वुमन टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारतीय महिला टीम के खिलाफ कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा। क्रिकेट साउथ अफ्रीका (CSA) ने आधिकारिक तौर पर ऐलान किया है कि अप्रैल 2026 में भारतीय महिला टीम साउथ अफ्रीका का दौरा करेगी, जहां दोनों टीमों के बीच पांच मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय सीरीज खेली जाएगी।यह सीरीज महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले साउथ अफ्रीका की आखिरी टी20 असाइनमेंट होगी, जिससे इसकी अहमियत और भी बढ़ जाती है।
टी20 सीरीज का पूरा शेड्यूल:
पहला टी20: 17 अप्रैल – डरबन
दूसरा टी20: 19 अप्रैल – डरबन
तीसरा टी20: 22 अप्रैल – जोहान्सबर्ग
चौथा टी20: 25 अप्रैल – जोहान्सबर्ग
पांचवां टी20: 27 अप्रैल – बेनोनी
CSA का बयान:
क्रिकेट साउथ अफ्रीका के डायरेक्टर ऑफ नेशनल टीम्स एंड हाई परफॉर्मेंस, इनोक एनक्वे ने इस सीरीज को वर्ल्ड कप की तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि “वर्ल्ड कप से ठीक पहले भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ खेलना प्रोटियाज महिला टीम के लिए सही समय पर मिली बड़ी चुनौती है। इससे खिलाड़ियों को अपने कॉम्बिनेशन, रणनीतियों और दबाव में प्रदर्शन को परखने का मौका मिलेगा।”
साउथ अफ्रीका का व्यस्त शेड्यूल:
भारत सीरीज से पहले साउथ अफ्रीका महिला टीम:
फरवरी–मार्च: पाकिस्तान के खिलाफ टी20 और वनडे सीरीज
मार्च–अप्रैल: न्यूजीलैंड दौरा
अप्रैल: भारत के खिलाफ घरेलू टी20 सीरीज
भारतीय महिला टीम का कार्यक्रम:
भारतीय महिला टीम भी वर्ल्ड कप से पहले लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलेगी,
फरवरी–मार्च: ऑस्ट्रेलिया दौरा (मल्टी-फॉर्मेट सीरीज)
अप्रैल: साउथ अफ्रीका दौरा
मई: इंग्लैंड में 3 टी20 मैचों की सीरीज
Women’s T20 World Cup 2026 की जानकारी
महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आयोजन 12 जून से इंग्लैंड में होगा। भारत और साउथ अफ्रीका को ग्रुप-1 में रखा गया है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया, पाकिस्तान, 2 क्वालीफायर टीमें भी शामिल होंगी। साउथ अफ्रीका ने पिछले दो टी20 वर्ल्ड कप में उपविजेता का स्थान हासिल किया है, जबकि भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2020 में उपविजेता रहना है। हालांकि, भारतीय टीम पहले राउंड से 2024 के टी20 वर्ल्ड कप में बाहर हो गई थी।
क्यों अहम है यह सीरीज?
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच होने वाली यह टी20 सीरीज न सिर्फ दोनों टीमों की तैयारियों की असली परीक्षा होगी, बल्कि वर्ल्ड कप से पहले मनोवैज्ञानिक बढ़त हासिल करने का भी बड़ा मौका साबित हो सकती है।