IND vs SL Test : श्रीलंका के खिलाफ गॉल में होने वाले पहले टेस्ट से पहले भारतीय टीम के तेज गेंदबाजी संयोजन को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ होती नजर आ रही है। कप्तान शुभमन गिल के संकेतों से माना जा रहा है कि अनुभवी मोहम्मद सिराज के साथ प्रसिद्ध कृष्णा नई गेंद की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। हालांकि, युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बरार भी इस रेस में बने हुए हैं। जसप्रीत बुमराह की गैरमौजूदगी में भारतीय तेज गेंदबाजी आक्रमण के सामने खुद को साबित करने की बड़ी चुनौती होगी। टीम मैनेजमेंट के पास प्रसिद्ध कृष्णा, गुरनूर बरार और आकिब नबी जैसे विकल्प मौजूद हैं, लेकिन सिराज की जगह लगभग तय मानी जा रही है।
सिराज के साथ प्रसिद्ध या गुरनूर?
कप्तान शुभमन गिल ने मैच से पहले तेज गेंदबाजी संयोजन को लेकर संकेत देते हुए कहा कि प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार में से किसी एक का चयन आसान नहीं होगा। गुरनूर पुरानी गेंद से प्रभावी गेंदबाजी करने के साथ अच्छी गति और उछाल हासिल करने की क्षमता रखते हैं। दूसरी ओर प्रसिद्ध कृष्णा के पास टेस्ट क्रिकेट का अनुभव है और उन्होंने हालिया अभ्यास मैच में भी प्रभावित किया है। प्रसिद्ध अब तक 7 टेस्ट मैचों में 25 विकेट अपने नाम कर चुके हैं। यही अनुभव उन्हें गुरनूर पर बढ़त दिला सकता है।
तीन स्पिनरों के साथ उतर सकता है भारत
गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय टीम तीन स्पिन विकल्पों के साथ मैदान पर उतर सकती है। रवींद्र जडेजा, मानव सुथार और कुलदीप यादव अंतिम एकादश में जगह बना सकते हैं। तेज गेंदबाजी विभाग में सिराज के साथ प्रसिद्ध कृष्णा या गुरनूर बरार में से किसी एक को मौका मिलने की संभावना है। आकिब नबी फिलहाल इस दौड़ में पीछे नजर आ रहे हैं।
बुमराह की कमी पूरी करने का मौका
जसप्रीत बुमराह के घुटने की चोट के कारण टीम से बाहर होने के बाद श्रीलंका सीरीज प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बरार जैसे गेंदबाजों के लिए अहम साबित हो सकती है। बुमराह की अनुपस्थिति में इन गेंदबाजों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी। शुभमन गिल का मानना है कि किसी एक खिलाड़ी की गैरमौजूदगी दूसरे खिलाड़ियों के लिए आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभालने का अवसर होती है। भारतीय टीम को उम्मीद होगी कि उसके युवा और अनुभवी गेंदबाज इस मौके का फायदा उठाएं।
पडिक्कल को नंबर-3 पर मिल सकता है मौका
बल्लेबाजी क्रम में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में देवदत्त पडिक्कल को नंबर-3 पर उतारे जाने की संभावना है। वहीं ध्रुव जुरेल को भी खराब प्रदर्शन के बावजूद एक और मौका मिल सकता है। शुभमन गिल ने युवा खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है। टीम मैनेजमेंट अपने 15 खिलाड़ियों पर भरोसा बनाए हुए है।
WTC फाइनल की दौड़ में वापसी पर भारत की नजर
श्रीलंका के खिलाफ यह टेस्ट सीरीज भारत के लिए विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण है। गिल के मुताबिक टीम का लक्ष्य WTC फाइनल की दौड़ में बने रहना है और इसके लिए आने वाले मुकाबलों में लगातार जीत दर्ज करना जरूरी होगा। गिल ने कप्तानी को लेकर भी कहा कि वह अब इस भूमिका में पहले से अधिक सहज महसूस करते हैं। श्रीलंका के खिलाफ सीरीज को भारत अपनी WTC मुहिम को पटरी पर लाने के अवसर के तौर पर देख रहा है।
भारत के लिए ऐतिहासिक होगा 600वां टेस्ट
श्रीलंका के खिलाफ पहला टेस्ट भारतीय क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक मुकाबला होगा। यह टेस्ट मैच भारत के टेस्ट क्रिकेट इतिहास का 600वां मुकाबला होगा। भारत ने 1932 में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था। ऐसे ऐतिहासिक मुकाबले में टीम की कप्तानी करना शुभमन गिल के लिए भी खास उपलब्धि होगी। अब नजर इस बात पर होगी कि गॉल की परिस्थितियों में भारत किस तेज गेंदबाज को सिराज के साथ नई गेंद थमाता है।