कवर्धा। गन्ने की कीमतों में वृद्धि और धान खरीदी की तारीख आगे बढ़ाने की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ ने सोमवार को कवर्धा-पंडरिया मुख्य मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। अचानक हुए इस आंदोलन से सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पिछले पांच वर्षों से नहीं बढ़ाई कीमत:
भारतीय किसान संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि शक्कर कारखाने में गन्ने की कीमत पिछले पांच वर्षों से नहीं बढ़ाई गई है, जबकि बाहरी बाजार और अन्य निजी शुगर मिलों में गन्ने का दाम 500 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच चुका है। इसके बावजूद स्थानीय किसानों को पुरानी दरों पर ही गन्ना बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
गन्ना भुगतान लंबित, किसान आर्थिक संकट में:
किसान संघ ने आरोप लगाया कि शुगर मिल में गन्ना बेचने वाले किसानों को अब तक पूरा भुगतान नहीं किया गया है। समय पर भुगतान नहीं मिलने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है और खेती-किसानी चलाना मुश्किल हो रहा है।
हजारों किसान अब तक नहीं बेच पाए धान:
किसान संघ ने बताया कि जिले में हजार से अधिक किसान अब भी अपना धान नहीं बेच पाए हैं। खरीदी की समयसीमा समाप्त होने के कारण किसान परेशान हैं। संघ की मांग है कि धान खरीदी की तारीख तत्काल बढ़ाई जाए और शेष सभी किसानों का धान खरीदा जाए।
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन होगा उग्र:
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। किसान संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह आंदोलन फिलहाल सांकेतिक है, लेकिन यदि शासन-प्रशासन ने जल्द समाधान नहीं किया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज और व्यापक किया जाएगा। चक्काजाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और किसानों से बातचीत कर यातायात बहाल कराने का प्रयास किया गया।