नई दिल्ली: दूरदर्शन की प्रसिद्ध समाचार वाचिका सरला माहेश्वरी का 71 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। परिवार ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस दुखद समाचार की पुष्टि की। उनके निधन से टीवी पत्रकारिता जगत में शोक की लहर दौड़ गई है और कई लोगों ने इसे भारतीय टेलीविजन के “गोल्डन एरा” का अंत बताया है।
दूरदर्शन ने जताया शोक:
दूरदर्शन नेशनल ने श्रद्धांजलि संदेश में लिखा कि सरला माहेश्वरी दूरदर्शन की सम्मानित और प्रतिष्ठित समाचार वाचिका थीं, जिन्होंने अपनी सौम्य आवाज, सटीक उच्चारण और गरिमापूर्ण प्रस्तुति से भारतीय समाचार जगत में विशेष पहचान बनाई। उनकी सादगी और संयमित व्यक्तित्व ने दर्शकों के मन में गहरा विश्वास स्थापित किया।
करियर की शुरुआत और सफर:
सरला माहेश्वरी ने वर्ष 1976 में दूरदर्शन पर समाचार एंकर के रूप में अपने करियर की शुरुआत की और 1984 तक वहां कार्य किया। इसके बाद वह ब्रिटेन चली गईं, जहां उन्होंने 1986 तक बीबीसी में न्यूज एंकर के रूप में काम किया। बेटे के जन्म के बाद वह भारत लौटीं और 1988 में फिर से दूरदर्शन से जुड़ गईं।
सादगी भरे अंदाज से मिली पहचान:
सरला माहेश्वरी अपने शालीन व्यक्तित्व, साड़ी और माथे पर बिंदी के लिए जानी जाती थीं। शांत, स्पष्ट और गरिमामय ढंग से समाचार पढ़ने की उनकी शैली दर्शकों को बेहद पसंद थी। उन्हें फिल्मों और विज्ञापनों के प्रस्ताव भी मिले, लेकिन उन्होंने पत्रकारिता को ही अपना जीवन समर्पित किया।
अंतिम संस्कार आज:
परिवार के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार 12 फरवरी को शाम 4 बजे दिल्ली स्थित निगम बोध घाट पर किया जाएगा।
दूरदर्शन एंकर रहे शम्मी ने जताया दुख:
सरला के निधन पर दूरदर्शन के एंकर रहे शम्मी नारंग ने भी अपने सोसम मिडिया पर पोस्ट कर दुख जताया है, उन्होंने कहा कि सरला माहेश्वरी ज्ञान का भंडार थीं, उनकी भाषा पर जबरदस्त पकड़ थी, वह दिखने में ही नहीं बल्कि दिल से भी खूबसूरत थी। और उनकी दूरदर्शन स्क्रीन पर मौजूदगी का एक अलग ही औरा था। वह जिस भी जगह का हिस्सा होती थीं, उसे ऊपर उठाती देती थीं, और सभी का काफी सम्मान किया करती थीं। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को भगवान शांति दें और माहेश्वरी परिवार को इस दुःख का सामना करने की ताकत दें।
