अगर मालवा : मध्य प्रदेश सहित देशभर मे गणेश महोत्सव की तैयारियां जोरों शोरों से जारी है। लोगों में बप्पा के आगमन को लेकर अत्यधिक उत्साह देखा जा रहा है। तो वही बाजारों में इको-फ्रेंडली गणेश प्रतिमाएं छाई हुई है। इसी कड़ी में अगर मालवा में भी महिलाओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए मिट्टी और बीजों से गणपति बनाए है। जिसके जरिए आस्था के साथ प्रकृति को बचाने का संदेश भी दिया जा रहा है।
महिला आत्मनिर्भरता की खूबसूरत तस्वीर
आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं ने प्रशिक्षण लेने के बाद गणेश प्रतिमा निर्माण को रोजगार का माध्यम बना लिया है। महिलाएं घर पर ही मिट्टी को तैयार कर प्रतिमाओं को आकार देती हैं। इसके बाद इन्हें प्राकृतिक रंगों से सजाया जाता है।
पौधों के बीजों से नए पौधे उग जाते है
इन प्रतिमाओं की खासियत विसर्जन के बाद सामने आती है। मिट्टी पानी में आसानी से घुल जाती है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। वहीं प्रतिमा में मौजूद पौधों के बीज मिट्टी में मिलकर अनुकूल परिस्थितियों में नए पौधों का रूप ले सकते हैं।
इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं की बढ़ती मांग
इको-फ्रेंडली प्रतिमाओं की बढ़ती मांग से महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी का जरिया मिला है। गणेश उत्सव के दौरान ग्राम आवर की महिलाएं भक्ति, स्वरोजगार और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़कर मिसाल पेश कर रही हैं।