उज्जैन : विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर के शीर्ष पर स्थित भगवान श्री नागचंद्रेश्वर मंदिर के पट भक्तों के लिए रविवार रात 12 बजे से खोल दिए जाएंगे। साल में एक बार खुलने वाले इस मंदिर में भक्तों के लिए दर्शन व्यवस्था 24 घंटे चालू रहेगी। तो वही 17 अगस्त की रात 12 बजे के बाद पट को दोबारा बंद पूजा अर्चना कर दिया जाएगा। ऐसे में इस ऐतिहासिक पल का हिस्सा बनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुचेंगे। जिसको लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए है।
मंदिर में त्रिकाल की होती है पूजा
नागपंचमी पर खुलने वाले इस ऐतिहासिक मंदिर में त्रिकाल पूजा की जाती है। मंदिर के गर्भगृह में भगवान नागचंद्रेश्वर शिवलिंग रूप में विराजित हैं। मंदिर के अग्रभाग में भगवान उमा-महेश्वर की प्राचीन और दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है। मान्यता के अनुसार यह प्रतिमा सिंधिया राजवंश के समय नेपाल से उज्जैन लाई गई थी।
साल में केवल एक बार खुलता है मंदिर
साल में केवल एक बार नागपंचमी पर खुलने वाले नागचंद्रेश्वर मंदिर में भक्तों के दर्शन के लिए खास व्यवस्था की गई है। मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग प्रवेश और निकासी मार्ग निर्धारित किए गए हैं। सभी प्रवेश द्वारों पर जूता स्टैंड, क्लाक रूम, खोयापाया केंद्र, शीघ्र दर्शन टिकट काउंटर भी रहेंगे।
दर्शन व्यवस्था
भगवान नागचंद्रेश्वर के निश्शुल्क दर्शन करने वाले दर्शनार्थियों को कर्कराज पार्किंग स्थित सामान्य दर्शनार्थियों के द्वार से प्रवेश दिया जाएगा। यहां से दर्शनार्थी भील समाज धर्मशाला, गोंड मोहल्ला, चारधाम, हरसिद्धि चौराहा और बड़ा गणेश होते हुए प्रवेश द्वार क्रमांक-4 से मंदिर परिसर में प्रवेश करेंगे। इसके बाद विश्रामधाम होते हुए भगवान नागचंद्रेश्वर के दर्शन होंगे। दर्शन के बाद चौबीस खंबा माता मंदिर रोड होते हुए श्रद्धालु पुन: कर्कराज पार्किंग की ओर जाएंगे।