दिवाली और छठ के त्योहार से पहले बाजारों में खरीदारी की रफ्तार तेज हो गई है। घरों की सजावट, नए कपड़े, मिठाइयां, ड्राई फ्रूट्स और इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने के लिए लोग बाजार पहुंच रहे हैं। लेकिन इस बार त्योहार की खुशियों के बीच महंगाई लोगों की जेब पर भारी पड़ सकती है। मिठाई से लेकर बादाम-पिस्ता और टीवी-एसी तक कई चीजों की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। बाजार से सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, मिठाइयां पिछले साल के मुकाबले 10 से 15 फीसदी तक महंगी हुई हैं, जबकि बादाम के दाम करीब 35 फीसदी बढ़ गए हैं। पिस्ता की कीमतों में तो लगभग दोगुनी तेजी दर्ज की गई है।
इसका असर मध्य प्रदेश समेत देशभर के बाजारों में त्योहार की खरीदारी पर पड़ सकता है। इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों और रोजमर्रा के इस्तेमाल की चीजों की बढ़ती कीमतों ने भी आम परिवारों का बजट प्रभावित किया है। ऐसे में इस बार दिवाली और छठ की खरीदारी के लिए लोगों को पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है।
TV और AC खरीदने का प्लान है तो बढ़ाएं बजट
त्योहारों के दौरान इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीदारी को शुभ माना जाता है। कई परिवार दिवाली पर नया टीवी, एसी या दूसरे घरेलू उपकरण खरीदते हैं। लेकिन इस बार इन उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है।
Moneycontrol की रिपोर्ट के अनुसार, Haier, LG और Blue Star जैसी कंपनियों ने अपने कुछ घरेलू उत्पादों के दाम करीब 3 से 7 फीसदी तक बढ़ाए हैं। वहीं Havells India ने भी दिसंबर तिमाही में कुछ उत्पादों की कीमतों में 5 से 7 फीसदी तक इजाफा करने की योजना बताई है।
कंपनियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले तांबे, एल्युमीनियम और अन्य जरूरी कलपुर्जों की लागत बढ़ी है। उत्पादन खर्च में बढ़ोतरी का असर अब ग्राहकों को चुकाई जाने वाली कीमतों पर दिखाई दे रहा है। हालांकि, कीमतों में बदलाव कंपनी और मॉडल के अनुसार अलग-अलग है।
मिठाई के डिब्बे खरीदने में भी खर्च होंगे ज्यादा पैसे
दिवाली और छठ के मौके पर मिठाइयों की खरीदारी का खास महत्व होता है। घर आने वाले मेहमानों का स्वागत हो या रिश्तेदारों को उपहार देना, मिठाई के बिना त्योहार अधूरा माना जाता है। लेकिन इस बार मिठाई के शौकीनों को अपना बजट बढ़ाना पड़ सकता है।
बाजार रिपोर्ट के मुताबिक, मिठाइयों की कीमतों में करीब 10 से 15 फीसदी तक बढ़ोतरी हुई है। इसके पीछे दूध, खोया, चीनी और ड्राई फ्रूट्स की महंगी होती कीमतों को प्रमुख वजह बताया जा रहा है। इसके अलावा पैकेजिंग और अन्य उत्पादन खर्च भी बढ़े हैं।
दिल्ली के कुछ मिठाई कारोबारियों ने कीमतों में लगभग 15 फीसदी तक बढ़ोतरी की जानकारी दी है, जबकि जयपुर में कुछ दुकानों पर मिठाइयां 10 से 12 फीसदी तक महंगी हुई हैं।
महंगे ड्राई फ्रूट्स का असर मिठाई के गिफ्ट पैक पर भी पड़ रहा है। खर्च नियंत्रित रखने के लिए कुछ कारोबारी बादाम और पिस्ता की जगह कद्दू, तरबूज और सूरजमुखी के बीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
पिस्ता के दाम करीब दोगुने, अब 2100 रुपये किलो तक कीमत
ड्राई फ्रूट्स की खरीदारी करने वालों के लिए इस बार सबसे बड़ा झटका पिस्ता की कीमतों में आई तेजी है। पिछले साल दिवाली के आसपास करीब 900 रुपये प्रति किलो मिलने वाला पिस्ता अब 1500 से 2100 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है।
Nuts and Dry Fruits Council (India) के अध्यक्ष गुंजन जैन के मुताबिक, पिस्ता की कीमतों में काफी तेजी आई है। बाजार में इसकी सप्लाई प्रभावित होने और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण लागत बढ़ने की बात सामने आई है।
अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में फसल प्रभावित होने के साथ पश्चिम एशिया में तनाव के कारण आयात और माल ढुलाई की लागत पर भी असर पड़ा है। भारत अपनी ड्राई फ्रूट्स की जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलाव का असर घरेलू कीमतों पर भी पड़ता है।
बादाम भी 35 फीसदी महंगे, एक किलो के लिए देने होंगे 1200 रुपये
पिस्ता के बाद बादाम की कीमतों ने भी ग्राहकों का बजट बिगाड़ दिया है। Nuts and Dry Fruits Council (India) के मुताबिक, पिछले साल की तुलना में बादाम के दाम करीब 35 फीसदी तक बढ़े हैं।
पिछली दिवाली के दौरान बादाम लगभग 800 से 900 रुपये प्रति किलो मिल रहे थे, जबकि इस साल इनकी कीमत 1000 से 1200 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। यानी एक किलो बादाम खरीदने के लिए ग्राहकों को करीब 200 से 300 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ सकते हैं।
ड्राई फ्रूट्स की बढ़ती कीमतों का असर सिर्फ घरेलू खरीदारी तक सीमित नहीं है। दिवाली और छठ पर उपहार के रूप में दिए जाने वाले ड्राई फ्रूट्स के पैकेट भी महंगे हो सकते हैं। कारोबारियों की लागत बढ़ने से गिफ्ट पैक की कीमतों में भी इजाफा होने की आशंका है।
दूध और चीनी की कीमतों ने बढ़ाई मिठाई कारोबारियों की परेशानी
मिठाइयों के महंगे होने के पीछे दूध और चीनी की बढ़ती लागत भी एक बड़ी वजह है। बर्फी, रसगुल्ला, पेड़ा और खोया से बनने वाली दूसरी मिठाइयों में इन दोनों चीजों का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है।
बाजार रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश की कुछ मंडियों में चीनी की कीमत पिछले महीने 4800 रुपये प्रति क्विंटल थी, जो अब बढ़कर करीब 5700 रुपये प्रति क्विंटल बताई जा रही है।
वहीं कर्नाटक सरकार ने नंदिनी दूध की कीमत में 8 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। नई दरें 1 नवंबर 2026 से लागू हो चुकी हैं। इसके बाद टोंड दूध की कीमत 46 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
इस बढ़ोतरी में 7 रुपये प्रति लीटर दूध उत्पादक किसानों को दिए जाएंगे, जबकि एक रुपया सहकारी समितियों के संचालन खर्च के लिए निर्धारित किया गया है। हालांकि, यह फैसला कर्नाटक के नंदिनी दूध पर लागू है, इसे देशभर में दूध की कीमतों में बढ़ोतरी नहीं माना जा सकता।
साबुन, तेल और शैंपू भी महंगे, रोजमर्रा का बजट प्रभावित
त्योहारों की खरीदारी के बीच आम लोगों को रोजाना इस्तेमाल होने वाले सामानों पर भी ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। साबुन, शैंपू, तेल और दूसरे पैक्ड उत्पादों की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, Hindustan Unilever, Dabur और Marico जैसी कंपनियों ने अपने कुछ उत्पादों के दाम बढ़ाए हैं। कंपनियों ने इसके पीछे कच्चे माल और उत्पादन लागत में बढ़ोतरी को वजह बताया है।
इसका सीधा असर आम परिवारों के मासिक बजट पर पड़ता है। त्योहार के दौरान जब घरों में सामान की खपत और खरीदारी दोनों बढ़ जाती हैं, तब छोटी-छोटी कीमतों में हुई बढ़ोतरी भी कुल खर्च को काफी बढ़ा सकती है।
पटाखे और पूजा सामग्री की कीमतों पर क्या है अपडेट?
दिवाली की तैयारियों में पटाखे, दीये, सजावटी सामान और पूजा सामग्री भी महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। हालांकि, इन सभी उत्पादों की कीमतों में कितनी बढ़ोतरी हुई है, इसे लेकर फिलहाल कोई एक समान प्रमाणित आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।
इन सामानों के दाम शहर, बाजार, गुणवत्ता और दुकानदार के हिसाब से अलग-अलग हो सकते हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर समेत दूसरे शहरों में भी ग्राहकों को खरीदारी से पहले अलग-अलग दुकानों पर कीमतों की तुलना करनी चाहिए।
दिवाली और छठ की खरीदारी में ऐसे बचाएं पैसे
त्योहारों के दौरान बढ़ते खर्च को नियंत्रित करने के लिए खरीदारी की योजना पहले से बनाना जरूरी है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखा जा सकता है।
खरीदारी से पहले जरूरी सामानों की सूची तैयार करें।
मिठाई और ड्राई फ्रूट्स के लिए अलग-अलग दुकानों के भाव पता करें।
टीवी और एसी खरीदने से पहले ऑनलाइन और ऑफलाइन कीमतों की तुलना करें।
गिफ्ट पैक खरीदते समय उसकी कीमत के साथ वजन और सामग्री भी जांचें।
बिना जरूरत महंगे सामान खरीदने से बचें।
त्योहार के लिए पहले से बजट तय करें और उसी के अनुसार खरीदारी करें।