दंतेवाड़ा: INH-हरिभूमि द्वारा आयोजित जिला संवाद 2026 का आयोजन दंतेवाड़ा जिले के एजुकेशन सिटी जावंगा–गीदम स्थित ऑडिटोरियम में हुआ। यह कार्यक्रम केवल औपचारिक भाषणों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जिले की वास्तविक स्थिति, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर खुलकर संवाद हुआ।
साय सरकार के दो साल: उपलब्धियां और चुनौतियां
कार्यक्रम के दौरान प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी के सवालों के बीच साय सरकार के दो वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों और चुनौतियों पर चर्चा की गई। इस संवाद में विशेष रूप से वन, सहकारिता एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप तथा सांसद महेश कश्यप ने जिले से जुड़े अहम मुद्दों पर अपने विचार रखे।
सवाल: समस्या से संभावना तक — क्या बदल रही है दंतेवाड़ा की तस्वीर?
प्रधान संपादक डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने सवाल किया कि क्या दंतेवाड़ा अब समस्याओं के दायरे से निकलकर संभावनाओं की ओर बढ़ रहा है?
मंत्री केदार कश्यप का जवाब: उन्होंने कहा कि “एक समय का दंतेवाड़ा और आज का दंतेवाड़ा—दोनों में बड़ा अंतर है। आज जिले में नई तकनीक, नवाचार और विकास के अनेक प्रयोग हो रहे हैं। दंतेवाड़ा किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है। पहले जहां हम मृतकों की गिनती करने आते थे, आज वही दंतेवाड़ा विकास और शिक्षा की नई पहचान बना रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से यहां एजुकेशन हब विकसित किया गया है।”
सवाल: बारिश में बहने वाली पुलिया कब बनेगी?
एक अन्य सवाल में नक्सलवाद और भ्रष्टाचार पर सुधार के दावों के बीच बारिश के समय बहने वाली पुलिया और जनता को होने वाली परेशानी का मुद्दा उठाया गया।
उत्तर में मंत्री ने कहा: “इस वर्ष 60–70 साल बाद इतनी भीषण बारिश हुई, जिससे पूरा क्षेत्र बाढ़ की चपेट में आ गया। नदी-नाले उफान पर थे। पुल नहीं बहा था, बल्कि उसका एप्रोच ढह गया था। उसका पुनः निर्माण कार्य बहुत जल्द पूरा किया जाएगा। प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण का कार्य शुरू कर दिया गया है और लोगों को जल्द राहत मिलेगी।”