रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मार्ट मीटर को लेकर जारी राजनीतिक बहस के बीच CREDA (क्रेडा) के अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कांग्रेस पर जनता के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को आधुनिक, पारदर्शी और सुविधाजनक बिजली सेवा उपलब्ध कराना है, जबकि कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर गलत जानकारी प्रसारित कर रही है। सवन्नी ने बताया कि स्मार्ट मीटर योजना केंद्र सरकार की रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (RDSS) के अंतर्गत लागू की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि छत्तीसगढ़ में इस योजना की डीपीआर तैयार करने, टेंडर प्रक्रिया पूरी करने और एजेंसियों के चयन का कार्य कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में ही किया गया था। ऐसे में अब उसी योजना का विरोध करना कांग्रेस की विरोधाभासी राजनीति को दर्शाता है।
हर 30 मिनट में मिलेगी बिजली खपत की जानकारी
CREDA अध्यक्ष के अनुसार स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर 30 मिनट में बिजली खपत का अपडेट उपलब्ध कराते हैं। इससे लोग अपनी बिजली की खपत पर बेहतर नियंत्रण रख सकते हैं और अनावश्यक खर्च को कम करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि इससे बिजली चोरी, लाइन लॉस और बिलिंग संबंधी शिकायतों में भी कमी आती है।
बिजली बिल बढ़ने की वजह स्मार्ट मीटर नहीं
बिजली बिल बढ़ने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए सवन्नी ने कहा कि गर्मी के मौसम में एसी, कूलर और अन्य बिजली उपकरणों के अधिक उपयोग के कारण बिजली की खपत बढ़ जाती है। अधिक खपत होने पर उपभोक्ता ऊंचे टैरिफ स्लैब में पहुंच जाते हैं, जिससे बिल बढ़ जाता है। इसका स्मार्ट मीटर से कोई सीधा संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि मौसम सामान्य होने के बाद बिजली की खपत कम होने पर अगस्त से बिल में भी स्वाभाविक कमी देखने को मिलेगी।
जांच में नहीं मिला कोई अंतर
उन्होंने कहा कि जिन उपभोक्ताओं को मीटर की रीडिंग पर संदेह है, उनके लिए चेक मीटर की सुविधा उपलब्ध है। अब तक की गई जांच में पुराने मीटर और स्मार्ट मीटर की रीडिंग में कोई अंतर सामने नहीं आया है। उन्होंने लोगों से 'मोर बिजली' ऐप का उपयोग करने और किसी भी शिकायत के लिए 1912 टोल-फ्री हेल्पलाइन पर संपर्क करने की अपील की।
प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना का भी किया उल्लेख
भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि बिजली बिल कम करने का सबसे प्रभावी तरीका रूफटॉप सोलर अपनाना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के तहत प्रदेश में अब तक 1.87 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि 80 हजार से ज्यादा घरों में सोलर प्लांट स्थापित किए जा चुके हैं। इससे हजारों परिवारों का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर और सौर ऊर्जा जैसी योजनाओं का उद्देश्य उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा, पारदर्शिता और आर्थिक लाभ देना है। इसलिए लोगों को अफवाहों के बजाय तथ्यों पर भरोसा करना चाहिए।