रायपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा घोषित सिविल सेवा परीक्षा 2025 के फाइनल परिणाम में छत्तीसगढ़ के कई युवाओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है। इस परीक्षा में रायपुर की वैभवी अग्रवाल, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की दर्शना सिंह बघेल और धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव ने सफलता हासिल की है।
तीसरे प्रयास में वैभवी अग्रवाल को मिली सफलता
राजधानी Raipur के गुढ़ियारी क्षेत्र की रहने वाली वैभवी अग्रवाल ने ऑल इंडिया 35वीं रैंक प्राप्त की है। यह उनका तीसरा प्रयास था। शुरुआती दो प्रयासों में असफलता मिलने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत के दम पर इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की।
रिजल्ट घोषित होने के बाद वैभवी अपने परिवार के साथ मंदिर पहुंचीं और भगवान का आशीर्वाद लिया। उन्होंने बताया कि उनका सपना हमेशा से समाज के लिए काम करना रहा है और सिविल सेवा के माध्यम से वे लोगों की सेवा करना चाहती हैं।
दर्शना सिंह बघेल ने दूसरे प्रयास में हासिल की सफलता
Manendragarh-Chirmiri-Bharatpur जिले के जनकपुर की रहने वाली दर्शना सिंह बघेल ने भी यूपीएससी परीक्षा में 383वीं रैंक प्राप्त की है। पिछले वर्ष उन्होंने प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा तो पास कर ली थी, लेकिन इंटरव्यू में सफलता नहीं मिल सकी थी।
इस बार दूसरे प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए सफलता प्राप्त की। दर्शना के पिता अरुण सिंह बघेल किसान हैं और सहकारी समितियों का संचालन करते हैं, जबकि उनकी मां सीमा सिंह जनकपुर नगर पंचायत की पार्षद हैं।
धमतरी के डायमंड सिंह ध्रुव ने पाई 623वीं रैंक
Dhamtari जिले के परसवानी गांव के निवासी डायमंड सिंह ध्रुव ने भी इस परीक्षा में 623वीं रैंक हासिल की है। वे छत्तीसगढ़ राज्य पुलिस सेवा के 2024 बैच के डीएसपी अधिकारी हैं।
सरकारी सेवा में रहते हुए भी उन्होंने यूपीएससी की तैयारी जारी रखी और इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता हासिल की। अनुमान लगाया जा रहा है कि उनकी इस रैंक के आधार पर उन्हें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) मिल सकती है।
रायपुर के दो अन्य युवाओं का भी चयन
इन सफल अभ्यर्थियों के अलावा रायपुर के रौनक अग्रवाल और संजय डहरिया का भी यूपीएससी में चयन हुआ है। परिणाम घोषित होने के बाद पूरे प्रदेश में खुशी का माहौल है और सफल अभ्यर्थियों को बधाइयों का सिलसिला जारी है।