रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड प्रणाली में बदलने की योजना फिलहाल निर्धारित समय पर लागू नहीं हो सकी है। ऊर्जा विभाग ने सभी शासकीय विभागों को तीन महीने का बिजली बिल अग्रिम रूप से जमा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तय समय सीमा तक केवल चार विभागों ने ही भुगतान किया। इसके चलते 1 अगस्त से लागू होने वाली योजना को आगे बढ़ा दिया गया है।
अब 10 अगस्त तक मिला नया समय
ऊर्जा विभाग ने अब सभी विभागों को 10 अगस्त तक तीन माह का अग्रिम बिजली बिल जमा करने का निर्देश दिया है। यदि निर्धारित समय तक सभी विभाग भुगतान कर देते हैं, तो 11 अगस्त से सरकारी बिजली कनेक्शनों को प्रीपेड सिस्टम में बदला जा सकता है। इसके लिए राज्य के करीब 71 विभागों को अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है।
डेढ़ लाख सरकारी कनेक्शनों पर लगे स्मार्ट मीटर
प्रदेश में स्मार्ट मीटर लगाने का अभियान तेजी से चल रहा है। अब तक करीब 1.5 लाख सरकारी बिजली कनेक्शनों पर पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। अगला चरण इन कनेक्शनों को प्रीपेड प्रणाली से जोड़ने का है, ताकि बिजली बिलों का भुगतान पहले से सुनिश्चित हो सके।
सरकारी विभागों पर 4 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया
बिजली वितरण कंपनियों के अनुसार सरकारी विभागों पर बिजली बिल का बकाया लगातार बढ़ता जा रहा है। जुलाई 2026 तक विभिन्न विभागों पर लगभग 4,000 करोड़ रुपये का बकाया दर्ज किया गया है। प्रीपेड व्यवस्था लागू होने के बाद पुराने बकाए को अलग रखा जाएगा और उसकी वसूली किस्तों में की जाएगी।
हर विभाग के लिए बनाया गया अलग ग्रुप
योजना के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, पंचायत, आंगनबाड़ी समेत सभी सरकारी विभागों को जिला स्तर पर अलग-अलग समूहों में बांटा गया है। प्रत्येक विभाग को एक विशेष कोड और नोडल अधिकारी भी आवंटित किया गया है। संबंधित विभागों को अपने औसत तीन महीने के बिजली बिल के बराबर राशि अग्रिम रूप से जमा करनी होगी।
विभागों की सुस्ती बनी योजना में बाधा
पावर कंपनी चाहती थी कि सभी विभाग जुलाई के अंत तक अग्रिम भुगतान कर दें, जिससे अगस्त की शुरुआत से ही प्रीपेड व्यवस्था लागू की जा सके। हालांकि अधिकांश विभागों द्वारा समय पर राशि जमा नहीं किए जाने के कारण योजना फिलहाल टल गई है। अब बिजली कंपनी को उम्मीद है कि नई समय सीमा के भीतर भुगतान पूरा होने पर प्रीपेड प्रणाली लागू की जा सकेगी।