गरियाबंद। जिले के देवभोग विकासखंड में सड़क निर्माण को लेकर लंबे समय से चली आ रही नाराजगी आखिरकार गुरुवार को सड़क पर उतर आई। भाजयुमो जिला अध्यक्ष हेमंत नागेश ने अपने गृहग्राम मुड़ागांव के सैकड़ों ग्रामीणों के साथ नेशनल हाईवे-130 सी पर चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से सीसी सड़क की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। हालांकि, पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को अधिक देर तक हाईवे पर नहीं टिकने दिया और करीब एक घंटे के भीतर यातायात सामान्य करा दिया।
दो साल से सीसी सड़क की मांग, बारिश में गांव बन जाता है कीचड़ का दलदल
ग्रामीणों के अनुसार मुड़ागांव के आश्रित ग्राम करलाकोट में आज तक सीसी सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है। बारिश के मौसम में पूरा गांव कीचड़ से भर जाता है, जिससे आम लोगों का आवागमन प्रभावित होता है। मेडिकल इमरजेंसी के दौरान एंबुलेंस तक गांव के अंदर नहीं पहुंच पाती, जबकि स्कूली बच्चों को भी रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन देने के बावजूद सड़क निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।
अपने ही गांव की समस्या को लेकर आंदोलन में उतरे भाजयुमो जिला अध्यक्ष
इस प्रदर्शन की सबसे खास बात यह रही कि आंदोलन का नेतृत्व स्वयं भाजयुमो जिला अध्यक्ष हेमंत नागेश ने किया, जिनका यह गृहग्राम है। उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनता की समस्याओं के समाधान में लगातार लापरवाही बरती जा रही है।
हेमंत नागेश ने कहा कि प्रशासन प्रदर्शन हटाने के लिए जिस तेजी से मौके पर पहुंचा, यदि उसी तत्परता से ग्रामीणों की सड़क की समस्या का समाधान किया जाता तो आज आंदोलन की नौबत ही नहीं आती।
कांग्रेस ने भी साधा सरकार पर निशाना
हाईवे जाम की सूचना मिलने पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे और गांव का निरीक्षण किया। उन्होंने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब सत्ताधारी दल के अपने नेताओं के गांवों में भी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं, तब आम जनता की स्थिति का सहज अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आती है।
पुलिस की मौजूदगी में खुला हाईवे
प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर रखा था। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत के बाद उन्हें हाईवे से हटाया और लगभग एक घंटे के भीतर यातायात बहाल कर दिया। इस दौरान कुछ समय तक वाहनों की लंबी कतारें भी लगी रहीं।
ग्रामीणों की चेतावनी
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यदि जल्द ही करलाकोट में सीसी सड़क निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा। उनका कहना है कि वर्षों से मूलभूत सुविधा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है, जिसे अब और अधिक समय तक बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।