लीलाधर राठी, सुकमा : छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के पूवर्ती गांव में उस समय हलचल मच गई, जब तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से आए 70–80 कथित माओवादी समर्थक गांव के श्मशान घाट पहुंच गए। बताया जा रहा है कि वे नक्सली कमांडर हिड़मा और उसकी पत्नी राजे के चिता स्थल पर क्रियाकर्म करने पहुंचे थे तथा वहां कुछ धार्मिक अनुष्ठान जैसी गतिविधियां कर रहे थे।
ग्रामीणों ने जताया विरोध
ग्रामीणों ने बाहरी लोगों की इस गतिविधि पर कड़ा विरोध जताया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सभी 70–80 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। इसके बाद उन्हें पूवर्ती से सुकमा लाया गया। देर रात तक चली पूछताछ के बाद पुलिस ने सभी लोगों को रिहा कर दिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह एहतियातन कार्रवाई थी ताकि क्षेत्र में किसी प्रकार का तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।
ग्रामीणों का साफ संदेश
ग्रामीणों ने बाहरी लोगों के इस तरह गांव में आने पर नाराजगी जताते हुए स्पष्ट कहा कि वे दोबारा इस तरह की कोशिश न करें। ग्रामीणों का कहना था, “आप लोग यहां दोबारा मत आना। हमें जो करना है हम खुद कर लेंगे, आपकी जरूरत नहीं है। यहां का माहौल खराब करने की कोशिश मत कीजिए।”
ग्रामीणों के खुले विरोध के बाद हिड़मा के नाम पर माहौल बनाने की कथित कोशिश को स्थानीय स्तर पर प्रतिरोध का सामना करना पड़ा। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति सामान्य बताई जा रही है, लेकिन पुलिस सतर्कता बरत रही है।