शामली। Ankit Balyan murder case: हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ को बड़ी सफलता मिलने का दावा किया गया है। पुलिस के अनुसार, हत्या की वारदात में शामिल बताए जा रहे दो कथित शूटर सुमित और मोहित शामली में पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए। दोनों आरोपियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित बताया गया था। पुलिस की अब तक की जांच के अनुसार अंकित बालियान की हत्या की योजना में कुल छह लोगों की भूमिका सामने आई है। इनमें चार लोगों पर सीधे तौर पर शूटर होने का आरोप है, जबकि दो अन्य व्यक्तियों के रेकी करने और वारदात में सहयोग देने की जांच की जा रही है।
कैराना रोड पर हुई पुलिस और आरोपियों की मुठभेड़
पुलिस के मुताबिक, फरार चल रहे सुमित और मोहित की तलाश लगातार की जा रही थी। जांच एजेंसियों को उनकी गतिविधियों से संबंधित सुराग मिलने के बाद पुलिस टीम ने उन्हें ट्रैक किया। इसके बाद कैराना रोड स्थित इंडियन गैस गोदाम के आसपास पुलिस और दोनों आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस का कहना है कि दोनों ओर से फायरिंग हुई, जिसमें सुमित और मोहित घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस कार्रवाई के दौरान SWAT टीम के दो पुलिसकर्मी, हेड कांस्टेबल हरविंदर और प्रदीप, भी घायल होने की जानकारी सामने आई है।
चार शूटरों की हुई थी पहचान
अंकित बालियान की हत्या के बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। पुलिस के अनुसार, फुटेज से जांच को महत्वपूर्ण सुराग मिले और वारदात में शामिल चार कथित शूटरों की पहचान की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी हरियाणा के हिसार और रोहतक क्षेत्र से जुड़े हुए बताए जा रहे हैं। पुलिस उनके आपराधिक रिकॉर्ड और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। पहचान होने के बाद पुलिस टीमों ने आरोपियों के संभावित ठिकानों, उनके घरों और रिश्तेदारों से जुड़े स्थानों पर दबिश दी। पुलिस की सक्रियता बढ़ने के बाद आरोपी मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए थे।
20 अगस्त को हुई थी रेकी, होटल से मिला अहम सुराग
पुलिस जांच के मुताबिक, अंकित बालियान की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए वारदात से पहले रेकी की गई थी। बताया गया कि 20 अगस्त को दो कथित शूटर शामली पहुंचे और अंकित की दिनचर्या तथा आवाजाही पर नजर रखी। जांच में यह भी जानकारी सामने आई कि दोनों आरोपी सूर्या होटल में ठहरे थे। होटल में जमा कराए गए पहचान दस्तावेज और वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग साबित हुई। पुलिस के अनुसार, हत्या की घटना के बाद चारों कथित शूटर अलग-अलग दिशाओं में फरार हुए। दो आरोपी बाइक से करनाल की ओर चले गए, जबकि सुमित और मोहित के बागपत की दिशा में जाने की जानकारी मिली।
कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप चैट की भी हुई जांच
हत्याकांड की गहराई से जांच करने के लिए पुलिस ने अंकित बालियान के कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी पड़ताल की। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या के पीछे कौन लोग शामिल थे और आरोपियों को किस स्तर पर मदद मिली। पुलिस का फोकस केवल गोली चलाने वाले आरोपियों तक सीमित नहीं है, बल्कि वारदात की साजिश, रेकी, लॉजिस्टिक मदद और अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
8 पुलिस टीमें तलाश में जुटी थीं
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड के खुलासे के लिए मेरठ जोन के विभिन्न जिलों से पुलिस अधिकारियों की आठ टीमें लगाई गई थीं। आरोपियों की तलाश में उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा और दिल्ली में भी लगातार दबिश दी जा रही थी।इससे पहले मेरठ जोन के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी शामली पहुंचकर जांच की समीक्षा कर चुके थे। पुलिस अधिकारियों ने दावा किया था कि जांच टीम वारदात में शामिल लोगों और इस्तेमाल किए गए हथियारों तक पहुंचने के काफी करीब है।
मौके से हथियार और अन्य सामान बरामद
पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से दो पिस्टल, जिंदा और खोखा कारतूस, एक स्प्लेंडर बाइक, बैग, मोबाइल फोन और करीब 5 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस दोनों मृत आरोपियों के कथित आपराधिक नेटवर्क और अन्य फरार आरोपियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। जांच एजेंसियों के सामने अब शेष दो कथित शूटरों और हत्या की साजिश से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचना बड़ी चुनौती है। अंकित बालियान हत्याकांड में दो आरोपियों के मारे जाने के बाद जांच में अहम प्रगति हुई है, लेकिन मामले की पूरी साजिश और इसके पीछे मौजूद सभी लोगों की भूमिका को लेकर जांच अभी जारी है। पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में लगातार अभियान चला रही है।