तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में स्थित एक सीफूड प्रोसेसिंग फैक्ट्री में रविवार को अमोनिया गैस रिसाव की घटना ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। पेरियापालयम के समीप कन्निगईपैर गांव में संचालित ‘सेंट पीटर्स पॉल सीफूड्स एक्सपोर्ट्स’ यूनिट में गैस लीक होने से कई श्रमिक इसकी चपेट में आ गए। हादसे के समय फैक्ट्री में झींगा प्रसंस्करण का कार्य चल रहा था और बड़ी संख्या में महिला कर्मचारी ड्यूटी पर मौजूद थीं।
तकनीकी खराबी के बाद फैली जहरीली गैस
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार फैक्ट्री के मुख्य वाल्व में आई तकनीकी खराबी के कारण अचानक अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हो गया। कुछ ही देर में जहरीली गैस पूरे परिसर में फैल गई, जिससे कर्मचारियों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। फैक्ट्री के अंदर अफरा-तफरी मच गई और कई श्रमिक बेहोश होकर गिर पड़े।
सात महिलाओं की मौत, कई की हालत गंभीर
इस दुर्घटना में अब तक सात महिला कर्मचारियों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों की उम्र 24 से 25 वर्ष के बीच बताई जा रही है। वहीं करीब 67 श्रमिक गैस के प्रभाव से बीमार हुए हैं। प्रभावित लोगों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कई मरीजों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और कुछ को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है।
गंभीर मरीजों को चेन्नई किया गया रेफर
स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक गंभीर रूप से प्रभावित मरीजों में से कई को इंट्यूबेट किया गया है। सबसे ज्यादा गंभीर नौ मरीजों को बेहतर उपचार के लिए चेन्नई के सरकारी स्टेनली मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है।
NDRF और दमकल टीम ने संभाला मोर्चा
घटना की सूचना मिलते ही राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की विशेष टीम और स्थानीय दमकल विभाग मौके पर पहुंच गया। सुरक्षा उपकरणों से लैस बचाव दल ने फैक्ट्री के मुख्य वाल्व को बंद कर गैस रिसाव पर नियंत्रण पाया। इसके बाद पूरे परिसर और आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
हादसे की जांच के आदेश
घटना के बाद तमिलनाडु सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। औद्योगिक सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण और सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को शामिल कर एक विशेष समिति गठित की गई है। समिति को प्रारंभिक रिपोर्ट शीघ्र और विस्तृत रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रभावितों को हर संभव मदद का आश्वासन
राज्य सरकार ने घायलों के बेहतर इलाज और प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। साथ ही फैक्ट्री प्रबंधन की भूमिका और सुरक्षा मानकों के पालन की भी जांच की जाएगी, ताकि हादसे के कारणों का पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।