भोपाल : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 20 से 22 जून तक जबलपुर दौरा प्रस्तावित है। आगमन लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसीज जहां अलर्ट मोड पर है। तो वही दूसरी तरफ विमानतल के आसपास के करीब 10 किमी के क्षेत्र को नो फ्लाइंग जोन घोषित कर दिया गया है। साथ ही सुरक्षा के चलते जबलपुर और श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क में सघन जांच और निगरानी अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
एरिया सिक्योरिटी लेवल (ASL) चेकिंग जारी
जबलपुर में डुमना एयरपोर्ट और उसके आसपास के क्षेत्रों में पुलिस द्वारा एरिया सिक्योरिटी लेवल (ASL) चेकिंग की जा रही है। सुरक्षा टीम घर-घर जाकर सत्यापन कर रही है और मकान मालिकों से लेकर किरायेदारों तक का रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है। इसके अलावा होटल, लॉज, धर्मशालाओं और अन्य ठहरने के स्थानों की भी लगातार जांच की जा रही है।
पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून आदि पर प्रतिबंध
जिला प्रशासन ने डुमना एयरपोर्ट, सर्किट हाउस, एमईएस रेस्ट हाउस, गैरीसन ग्राउंड, रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय तथा वीवीआईपी रूट के आसपास के क्षेत्र को नो-फ्लाई जोन घोषित किया है। इस दौरान ड्रोन, यूएवी, पैराग्लाइडर, हॉट एयर बैलून, पतंग और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं के संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा एजेंसियां पूरे क्षेत्र पर विशेष नजर बनाए हुए हैं।
पर्यटकों के प्रवेश पर लगी रोक
वहीं श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क में भी राष्ट्रपति के आगमन को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है। सुरक्षा कारणों से 20 जून से पर्यटकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई है। पार्क के तीनों प्रवेश द्वारों से लेकर जंगल के अंदरूनी इलाकों तक पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। आसपास के गांवों में भी सर्चिंग अभियान चलाया जा रहा है।
सुरक्षा में 1300 पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक दर्जन से अधिक वरिष्ठ आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनके सहयोग के लिए करीब 1300 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। कार्यक्रम के अनुसार राष्ट्रपति 20 जून को जबलपुर पहुंचेंगी। 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम और दीक्षांत समारोह में शामिल होने के बाद कूनो नेशनल पार्क जाएंगी। 22 जून को कूनो भ्रमण के पश्चात उनका प्रस्थान प्रस्तावित है। हालांकि विस्तृत कार्यक्रम को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है।