सोने और चांदी की कीमतों में इन दिनों बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। कुछ समय पहले तक रिकॉर्ड तेजी दिखाने वाली चांदी अब लगातार गिरावट के दौर से गुजर रही है। इस गिरावट का असर सोने-चांदी के बीच कीमतों के अंतर पर भी पड़ा है। बाजार में अब यह सवाल उठने लगा है कि क्या आने वाले दिनों में एक किलो चांदी की कीमत 10 ग्राम सोने के भाव के बराबर पहुंच सकती है?
MCX के ताजा कारोबारी आंकड़ों के मुताबिक, शुक्रवार को चांदी और सोने दोनों के वायदा भाव में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दोनों की कीमतों में अभी अंतर बना हुआ है, लेकिन चांदी की तेज गिरावट ने इस चर्चा को जरूर बढ़ा दिया है।
सोने और चांदी के भाव में कितना बचा अंतर?
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार को चांदी का वायदा भाव 10,500 रुपये टूटकर 1,78,900 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गया। वहीं, सोने की कीमत में 4,347 रुपये की गिरावट आई और इसका वायदा भाव 1,38,419 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया।
इस हिसाब से एक किलो चांदी और 10 ग्राम सोने की कीमत के बीच करीब 40,500 रुपये का अंतर रह गया है। यानी चांदी को मौजूदा सोने के भाव के बराबर पहुंचने के लिए अभी लगभग 22.6 प्रतिशत और गिरना होगा। हालांकि, यह अनुमान सोने की कीमत स्थिर रहने की स्थिति में ही लागू होगा। सोने के भाव में भी बदलाव होने पर यह अंतर बढ़ या घट सकता है।
रिकॉर्ड स्तर से 57 फीसदी तक फिसली चांदी
चांदी की कीमतों में आई गिरावट का अंदाजा इसके पुराने रिकॉर्ड भाव से लगाया जा सकता है। जनवरी 2026 में MCX पर चांदी का वायदा भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया था। शुक्रवार के भाव के मुताबिक, चांदी अपने रिकॉर्ड स्तर से करीब 57 प्रतिशत नीचे आ चुकी है।
सोने की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी 2026 में सोने का वायदा भाव 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर था। अब यह करीब 23 प्रतिशत टूटकर 1,38,419 रुपये पर आ गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने-चांदी पर दबाव
कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी देखने को मिला। शुक्रवार को स्पॉट सिल्वर का भाव करीब 6 प्रतिशत टूटकर 49 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, सोना लगभग 3,875 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
वैश्विक बाजार में आई इस कमजोरी ने घरेलू बाजार में भी सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ाया है।
आखिर क्यों टूट रहे हैं चांदी और सोने के भाव?
सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट के पीछे कई वैश्विक कारण बताए जा रहे हैं। अमेरिकी शेयर बाजार में टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से निवेशकों का रुख प्रभावित हुआ है। इसके अलावा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने भी कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है।
चांदी की गिरावट की एक बड़ी वजह इसकी औद्योगिक मांग भी है। सोने के मुकाबले चांदी का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक्स, सोलर पैनल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर होता है। ऐसे में वैश्विक आर्थिक विकास धीमा पड़ने की आशंका से इसकी मांग प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि आर्थिक अनिश्चितता के दौर में चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है।
क्या सोना और चांदी की कीमतें बराबर हो सकती हैं?
मौजूदा आंकड़ों के आधार पर एक किलो चांदी और 10 ग्राम सोने के भाव के बीच करीब 40,500 रुपये का अंतर है। चांदी को सोने के मौजूदा भाव तक पहुंचने के लिए लगभग 22.6 प्रतिशत और सस्ता होना पड़ेगा, बशर्ते सोने की कीमत में कोई बदलाव न हो।
हालांकि, दोनों की कीमतें अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों और मांग-आपूर्ति जैसे कारकों से प्रभावित होती हैं। इसलिए चांदी का भाव सोने के बराबर पहुंचेगा या नहीं, इसे लेकर अभी निश्चित दावा नहीं किया जा सकता। निवेशकों के लिए बाजार के उतार-चढ़ाव और जोखिम को समझकर ही फैसला लेना जरूरी है।