भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करने वाले ग्राहकों के लिए एक अहम बदलाव होने जा रहा है। एसबीआई कार्ड ने कुछ चुनिंदा ट्रांसपोर्टेशन और फ्यूल ट्रांजैक्शन पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का ऐलान किया है। नए नियम 1 दिसंबर 2026 से लागू होंगे। इसके बाद तय सीमा से अधिक खर्च करने पर कार्डधारकों को 1 प्रतिशत अतिरिक्त फीस चुकानी होगी।
एसबीआई कार्ड की वेबसाइट पर 27 अक्टूबर 2026 को जारी नोटिस के मुताबिक, ट्रांसपोर्टेशन और फ्यूल खर्च के लिए अलग-अलग लिमिट तय की गई है। ट्रांसपोर्टेशन में हर पात्र ट्रांजैक्शन को अलग-अलग देखा जाएगा, जबकि फ्यूल के मामले में एक बिलिंग साइकिल के दौरान किए गए सभी पात्र भुगतानों को जोड़कर हिसाब लगाया जाएगा।
₹30 हजार से अधिक के ट्रांसपोर्ट पेमेंट पर लगेगी फीस
नए नियम के अनुसार, 1 दिसंबर से ₹30,000 से अधिक के प्रत्येक पात्र ट्रांसपोर्टेशन ट्रांजैक्शन पर 1 प्रतिशत शुल्क देना होगा। यह चार्ज ट्रांजैक्शन की पूरी रकम पर लगेगा।
एसबीआई कार्ड ने इसके लिए मर्चेंट कैटेगरी कोड (MCC) 4111, 4784 और 4131 निर्धारित किए हैं। किसी भुगतान पर शुल्क लगेगा या नहीं, यह संबंधित मर्चेंट के MCC पर निर्भर करेगा।
उदाहरण के तौर पर, यदि कोई ग्राहक पात्र ट्रांसपोर्टेशन सेवा के लिए ₹35,000 का भुगतान करता है, तो उसे ₹350 अतिरिक्त फीस देनी होगी। वहीं, ₹50,000 के ट्रांजैक्शन पर ₹500 का चार्ज लगेगा। ₹30,000 या इससे कम के पात्र भुगतान पर इस नए नियम के तहत अतिरिक्त फीस नहीं लगेगी।
यहां ध्यान देने वाली बात है कि ट्रांसपोर्टेशन के लिए ₹30,000 की सीमा पूरे महीने या बिलिंग साइकिल के कुल खर्च पर लागू नहीं होगी। हर पात्र ट्रांजैक्शन को अलग-अलग गिना जाएगा।
₹50 हजार से ज्यादा फ्यूल खर्च पर पूरे अमाउंट का 1% चार्ज
फ्यूल पेमेंट के लिए एसबीआई कार्ड ने अलग व्यवस्था की है। यदि किसी बिलिंग साइकिल में ग्राहक के सभी पात्र फ्यूल ट्रांजैक्शन का कुल खर्च ₹50,000 से अधिक हो जाता है, तो पूरे फ्यूल खर्च पर 1 प्रतिशत फीस लगेगी।
इसका मतलब है कि शुल्क सिर्फ ₹50,000 से ऊपर खर्च की गई रकम पर नहीं, बल्कि कुल पात्र फ्यूल खर्च पर कैलकुलेट होगा। उदाहरण के लिए, यदि किसी कार्डधारक ने एक बिलिंग साइकिल में फ्यूल पर ₹55,000 खर्च किए, तो 1 प्रतिशत के हिसाब से ₹550 अतिरिक्त देने होंगे। इसी तरह ₹60,000 के कुल फ्यूल खर्च पर ₹600 फीस लगेगी।
फ्यूल ट्रांजैक्शन की पहचान MCC 5172, 5541, 5542 और 5983 के आधार पर की जाएगी। इसलिए केवल खर्च की रकम ही नहीं, बल्कि भुगतान किस मर्चेंट कैटेगरी में दर्ज हुआ है, यह भी महत्वपूर्ण होगा।
दोनों चार्ज में क्या है अंतर?
एसबीआई कार्ड के नए नियमों में सबसे अहम अंतर फीस की गणना का है। ट्रांसपोर्टेशन के मामले में ₹30,000 से अधिक का हर पात्र भुगतान अलग से देखा जाएगा। वहीं, फ्यूल के मामले में एक बिलिंग साइकिल के सभी पात्र ट्रांजैक्शन जोड़कर कुल खर्च निकाला जाएगा।
यानी किसी ग्राहक ने एक बिलिंग साइकिल में फ्यूल पर ₹50,000 या उससे कम खर्च किया है, तो इस नए शुल्क की शर्त पूरी नहीं होगी। लेकिन कुल खर्च ₹50,000 से ऊपर पहुंचते ही पूरे पात्र फ्यूल खर्च पर 1 प्रतिशत फीस लागू होगी।
SBI क्रेडिट कार्ड यूजर्स को अब क्या करना चाहिए?
नए नियम लागू होने से पहले कार्डधारकों को अपने खर्च करने के तरीके और बिलिंग साइकिल की तारीखों पर ध्यान देना चाहिए। खासतौर पर अधिक फ्यूल खर्च करने वाले ग्राहकों को अपने सभी पात्र भुगतानों का रिकॉर्ड रखना होगा।
इसके अलावा, बड़े ट्रांसपोर्टेशन पेमेंट करने से पहले यह जांचना जरूरी होगा कि संबंधित ट्रांजैक्शन निर्धारित MCC के अंतर्गत आता है या नहीं। कार्डधारक एसबीआई कार्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नोटिस और अपने कार्ड की शर्तें देखकर लागू शुल्क की जानकारी हासिल कर सकते हैं।
1 दिसंबर 2026 से लागू होने वाला यह बदलाव उन ग्राहकों के लिए ज्यादा महत्वपूर्ण है, जो क्रेडिट कार्ड के जरिए नियमित रूप से बड़े ट्रांसपोर्टेशन या फ्यूल पेमेंट करते हैं।