उज्जैन : श्रावण और भादौ माह में बाबा महाकाल के दर्शन एवं शाही सवारी के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए उज्जैन प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ महाकाल मंदिर परिसर और सवारी मार्ग का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी आवश्यक कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।
उज्जैन प्रशासन ने व्यवस्थाओं का लिया जायजा
निरीक्षण के दौरान बैरिकेडिंग, पार्किंग, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने कर्कराज पार्किंग, दत्त अखाड़ा क्षेत्र, चारधाम पार्किंग, झालरिया मठ, नृसिंह घाट और महाकाल मंदिर परिसर का दौरा कर अधिकारियों से तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही शहरभर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए है।
श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है। शहर में पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था, साफ-सफाई, विश्राम स्थलों, पेयजल और दिशा-सूचक बोर्डों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि बेहतर व्यवस्थाओं से श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन का लाभ मिलेगा और सवारी के दौरान भीड़ का संचालन अधिक व्यवस्थित ढंग से किया जा सकेगा।
30 जुलाई से होगी सावन माह की शुरुआत
सावन माह की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। इस वर्ष भगवान महाकाल की कुल छह सवारियां निकाली जाएंगी। इनमें सावन माह में चार सवारियां 3, 10, 17 और 24 अगस्त को निकलेंगी। इसके बाद भादौ माह में 31 अगस्त को पांचवीं सवारी और 7 सितंबर को राजसी (शाही) सवारी निकाली जाएगी।
इन मार्गों से निकलेगी बाबा महाकाल की सवारी
भगवान श्री महाकालेश्वर की सवारी शाम 4 बजे मंदिर के सभा मंडप में पूजन-अर्चन के बाद प्रारंभ होगी। इसके बाद सवारी गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए रामघाट पहुंचेगी, जहां पूजन-अर्चन होगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ़ की धर्मशाला, कार्तिक चौक, खाती समाज मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होते हुए पुनः श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।