नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई 20-सूत्रीय शांति योजना का मंगलवार को समर्थन किया है। ये योजना गाजा में लगभग दो साल से जारी इज़राइली क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने और हमले को रोकने के उद्देश्य से पेश की गई है। पीएम मोदी ने एक्स (X) पर अपनी पोस्ट में लिखा कि," राष्ट्रपति ट्रंप की गाजा संघर्ष को खत्म करने की व्यापक योजना का हम स्वागत करते हैं। ये योजना इज़राइली और फिलिस्तीनी लोगों के लिए विकास, शांति और सुरक्षा का रास्ता दिखाती है। हम उम्मीद करते हैं कि इस पहल का सभी पक्ष समर्थन करेंगे और मिलकर शांति के लिए काम करेंगे।"
नेतन्याहू और ट्रंप की चेतावनी:
वहीं इस योजना का समर्थन करते हुए इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि, अगर इसे ठुकराया तो हमास ने इज़राइल "मिशन पूरा" करने के लिए तैयार है। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर योजना को नकारा गया तो इज़राइल को अमेरिका का पूरा समर्थन मिलेगा।
शांति की दिशा में बड़ा कदम:
गाजा में इस बीच हिंसा जारी है। स्थानीय डॉक्टरों के मुताबिक, कम से कम 50 लोगों की सोमवार को ही जान गई। गाजा शहर में इज़राइली सेना और गहराई तक आगे बढ़ रहे हैं। शांति की दिशा में ये योजना एक बड़ा कदम है, लेकिन इसकी सफलता सभी पक्षों के सहयोग पर निर्भर करती है।
20-सूत्रीय शांति योजना:
गाजा में अस्थायी प्रशासन बनेगा, जिसकी निगरानी एक अंतरराष्ट्रीय शांति बोर्ड करेगा।अगर हमास सहमत होता है तो युद्ध तुरंत रोका जाएगा और 72 घंटों में सभी बंधकों की रिहाई होगी।
इज़राइल को गाजा पर कब्जा करने से रोका जाएगा।
इसकी अध्यक्षता ट्रंप करेंगे और इसमें ब्रिटेन के पूर्व पीएम टोनी ब्लेयर शामिल होंगे।
अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय बल गाजा में सुरक्षा की निगरानी करेंगे तथा नई फिलिस्तीनी पुलिस को प्रशिक्षित करेंगे।
हिंसा छोड़ने वाले हमास सदस्यों को माफी और सुरक्षित विदेश जाने का अवसर मिलेगा।