प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तीन दिवसीय सेशेल्स यात्रा भारत और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। राजधानी विक्टोरिया पहुंचने पर प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत किया गया और उन्हें औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी को पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से मुकाबला और सतत विकास के क्षेत्र में उनके वैश्विक योगदान के लिए सेशेल्स के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘Guardian of the Blue Horizon’ से सम्मानित किया गया। यह सम्मान भारत की पर्यावरणीय प्रतिबद्धता और वैश्विक स्तर पर हरित विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों की मान्यता माना जा रहा है।
सेशेल्स को सौंपा आधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत में निर्मित अत्याधुनिक फास्ट पेट्रोल वेसल ‘PS Lespoir’ को सेशेल्स को समर्पित किया। गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा निर्मित यह पोत सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा और उसके विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंद महासागर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए भारत और सेशेल्स के बीच सहयोग लगातार बढ़ रहा है।
समुद्री सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर हुई अहम चर्चा
सेशेल्स के राष्ट्रपति पैट्रिक हर्मिनी के साथ हुई द्विपक्षीय वार्ता में समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग, कोस्ट गार्ड समन्वय, समुद्री निगरानी और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। दोनों देशों के बीच कई नए सहयोग समझौतों पर भी सहमति बनने की संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और अधिक मजबूत करेगा।
भारतीय समुदाय और नेशनल असेंबली को करेंगे संबोधित
प्रधानमंत्री मोदी अपने दौरे के दौरान सेशेल्स में रह रहे भारतीय समुदाय को भी संबोधित करेंगे। इसके अलावा वे सेशेल्स की नेशनल असेंबली में भाषण देंगे। इस संबोधन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दुनिया के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन जाएंगे जिन्होंने 20 देशों की संसद या राष्ट्रीय विधानसभा को संबोधित करने का रिकॉर्ड बनाया है। यह उपलब्धि वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता और प्रभाव को दर्शाती है।
भारत-सेशेल्स संबंधों के लिए ऐतिहासिक दौरा
विशेषज्ञों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा भूमिका को भी नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है। समुद्री सुरक्षा, रक्षा सहयोग और पर्यावरणीय साझेदारी के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग भविष्य में और मजबूत होने की उम्मीद है।