नई दिल्ली। NEET पेपर लीक विवाद को लेकर देशभर में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर मुंबई, कोलकाता और केरल तक हजारों छात्र सड़कों पर उतरकर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने अनशन को समाप्त कर दिया, जबकि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी छात्रों के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन
लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक चले अपने भूख हड़ताल आंदोलन को समाप्त कर दिया। उन्होंने बताया कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लद्दाख एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ विस्तृत चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया। वांगचुक ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे आंदोलन समाप्त करने की अपील की थी। देश में तनावपूर्ण माहौल और संभावित हिंसा को देखते हुए उन्होंने अनशन खत्म करने का फैसला लिया।
प्रधानमंत्री मोदी ने दी स्वास्थ्य की शुभकामनाएं
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि वांगचुक डॉक्टरों की सलाह का पालन करें और जल्द स्वस्थ होकर अपनी सामान्य दिनचर्या में लौटें।
राहुल गांधी ने छात्रों को दिया समर्थन
पेपर लीक विवाद को लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई। उन्होंने शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।

अन्ना हजारे बोले- हिंसा समाधान नहीं, शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने कहा कि किसी भी आंदोलन का समाधान हिंसा नहीं हो सकता। उन्होंने छात्रों से शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने की अपील की। अन्ना हजारे ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि सरकार को छात्रों की आवाज सुननी चाहिए और लोकतांत्रिक तरीके से समाधान निकालना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की आलोचना भी की।
