नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र का चौथा दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टकराहट का गवाह बना। NEET परीक्षा और कथित पेपर लीक के मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए संसद के भीतर और बाहर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगातार हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा में नहीं चल सकी कार्यवाही
गुरुवार को जैसे ही लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने NEET और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई और इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा कराने की मांग की। बार-बार बाधा आने के कारण सदन की कार्यवाही पहले दोपहर तक स्थगित करनी पड़ी। दोबारा बैठक शुरू होने के बाद भी गतिरोध समाप्त नहीं हुआ, जिसके बाद लोकसभा को शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
पेपर लीक पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने
विपक्ष का आरोप है कि विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए कथित पेपर लीक मामलों से देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। विपक्ष जिम्मेदारी तय करने और शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग कर रहा है। वहीं सरकार का कहना है कि वह NEET, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े सभी मुद्दों पर संसद में विस्तृत चर्चा करने के लिए तैयार है। सरकार ने विपक्ष पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप भी लगाया।
संसद परिसर के बाहर भी विरोध प्रदर्शन
संसद भवन के बाहर भी विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों से जुड़े मुद्दों, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई गई। विपक्ष ने सरकार से स्पष्ट जवाब देने और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करने की मांग दोहराई।
लगातार चौथे दिन बना रहा गतिरोध
मानसून सत्र की शुरुआत से ही संसद में कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव जारी है। पहले तीन दिनों की तरह चौथे दिन भी NEET और पेपर लीक का मुद्दा सबसे प्रमुख रहा। लगातार हंगामे के कारण सदन की सामान्य कार्यवाही प्रभावित होती रही और कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य आगे नहीं बढ़ सके।
आगे क्या?
अब सभी की नजर शुक्रवार को होने वाली संसद की कार्यवाही पर रहेगी। यदि सरकार और विपक्ष के बीच सहमति नहीं बनती है तो मानसून सत्र में गतिरोध और बढ़ सकता है। वहीं विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर उसका विरोध आगे भी जारी रहेगा।