नई दिल्ली। संसद के मॉनसून सत्र का दूसरा सप्ताह सोमवार से शुरू हो रहा है। आज सदन में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक टक्कर देखने को मिल सकती है। केंद्र सरकार जहां पेपर लीक मामलों में कड़ी सजा के प्रावधान वाले संशोधन विधेयक को आगे बढ़ाने की तैयारी में है, वहीं विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को प्रमुख मुद्दा बनाकर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रहा है।
संशोधन विधेयक को पारित कराने पर जोर
सरकार का कहना है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कानूनी व्यवस्था आवश्यक है। इसी उद्देश्य से संशोधन विधेयक को पारित कराने पर जोर दिया जाएगा। दूसरी ओर, विपक्ष का आरोप है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया।
प्रदर्शनकारियों पर अमानवीय व्यवहार विस्तृत चर्चा
विपक्षी दलों का दावा है कि प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया गया। विपक्ष इस पूरे मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा और सरकार से जवाब की मांग करेगा। विपक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि कुछ प्रदर्शनकारियों को पैलेट गन से निशाना बनाया गया। हालांकि, इस संबंध में सरकार या संबंधित एजेंसियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है। दोनों सदनों में तीखी बहस-हंगामे की संभावना है।
दोनों सदनों में तीखी बहस-हंगामे की संभावना
ऐसे में इस मुद्दे पर संसद के दोनों सदनों में तीखी बहस और हंगामे की संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पेपर लीक कानून और छात्र आंदोलन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव के कारण संसद की कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।