जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की कमी दूर करने की दिशा में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने अहम फैसला लेते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश पद के लिए 12 नामों को मंजूरी दी है। इनमें पांच न्यायिक अधिकारी और सात वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल हैं। यह फैसला कॉलेजियम ने इस सप्ताह दो बैठके कर लिया।
पांच न्यायिक अधिकारी और सात वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल
शुक्रवार को हुई कॉलेजियम की बैठक में न्यायिक अधिकारियों रेणुका कंचन, कृष्णमूर्ति मिश्रा, वीरेंद्र सिंह राजपूत, ममता जैन और आशिता श्रीवास्तव के नामों पर सहमति बनी। इससे पहले 26 अक्टूबर को सात अधिवक्ताओं के नामों को मंजूरी दी गई थी। इनमें डॉ. विवेक शरण, राजेश कुमार शुक्ला, कनक गहरवार, भक्ति व्यास, श्रेयस पंडित, मृणाल एलकर और अविनाश जरगर शामिल हैं।
38 न्यायाधीश कार्यरत
वर्तमान में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में 53 स्वीकृत पदों के मुकाबले 38 न्यायाधीश कार्यरत हैं। सभी 12 प्रस्तावित नियुक्तियों को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने और प्रक्रिया पूरी होने के बाद जजों की संख्या बढ़कर 50 हो जाएगी। इसके बाद केवल तीन पद रिक्त रहेंगे। इधर, न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से हाईकोर्ट में लंबित मामलों की सुनवाई तेज होने और मुकदमों के निराकरण में तेजी आने की उम्मीद है।