IND vs NZ T20I: भारत ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप से पहले अपनी आखिरी टी20 इंटरनेशनल सीरीज़ में न्यूज़ीलैंड को 4-1 से मात देकर न सिर्फ सीरीज़ अपने नाम की, बल्कि टीम कॉम्बिनेशन को लेकर लंबे समय से चल रही बहस पर भी काफी हद तक विराम लगा दिया। भले ही न्यूज़ीलैंड इस दौरे पर अपनी पूरी ताकत के साथ नहीं उतरा हो, लेकिन टीम इंडिया के लिए यह सीरीज़ बेहद अहम साबित हुई।
सूर्यकुमार यादव की ज़ोरदार वापसी बनी सबसे बड़ा पॉजिटिव:
सीरीज़ का सबसे बड़ा पॉजिटिव नाम रहा कप्तान सूर्यकुमार यादव का। लंबे समय से खराब फॉर्म से जूझ रहे सूर्या ने इस सीरीज़ में आलोचकों को करारा जवाब दिया। इससे पहले 25 टी20 मैचों में सिर्फ 244 रन बना पाने वाले सूर्या ने इस बार बल्लेबाज़ी में धैर्य दिखाया और गेंद को बेहतर तरीके से खेला। नतीजा यह रहा कि उन्होंने सीरीज़ में तीन अर्धशतक, एक नाबाद 82 रन की पारी खेली और 5 मैचों में 242 रन बनाए। करीब 197 के स्ट्राइक रेट और फुल लेंथ गेंदों पर 217 की स्ट्राइक रेट ने साफ कर दिया कि सूर्या फिर से अपने पुराने रंग में लौट चुके हैं।
संजू सैम सन का खराब फॉर्म बना चिंता का कारण:
जहां एक ओर सूर्या ने राहत दी, वहीं संजू सैमसन का प्रदर्शन टीम मैनेजमेंट के लिए चिंता का सबब बना। ओपनर के तौर पर पूरे 5 मैच खेलने के बावजूद संजू सिर्फ 46 रन ही बना सके। उनके शॉट सिलेक्शन और मूवमेंट में आत्मविश्वास की कमी साफ नजर आई।
ईशान किशन बने टीम इंडिया के लिए बोनस:
संजू के खराब फॉर्म के बीच ईशान किशन ने खुद को टी20 वर्ल्ड कप की प्लेइंग-11 का मजबूत दावेदार साबित किया। रायपुर में 32 गेंदों पर 76 रन, गुवाहाटी में तेज़ 28, तिरुवनंतपुरम में 43 गेंदों पर शानदार शतक लगाकर ईशान ने दिखा दिया कि वह विकेटकीपर-बल्लेबाज़ के तौर पर पहली पसंद बनने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। भले ही वह और अभिषेक शर्मा दोनों बाएं हाथ के बल्लेबाज़ हों, लेकिन ईशान और संजू के प्रदर्शन का अंतर इतना बड़ा रहा कि यह बहस लगभग खत्म होती दिखी।
रिंकू सिंह और शिवम दुबे ने निभाया फिनिशर का रोल:
मिडिल ऑर्डर में रिंकू सिंह और शिवम दुबे ने भी टीम को मजबूती दी। नागपुर में रिंकू का मुश्किल हालात में खेला गया नाबाद 44 रन का कैमियो और उनकी शानदार फील्डिंग भारत के लिए बड़ा प्लस रहा। वहीं, शिवम दुबे ने बल्ले से तेज़ रन बनाए और गेंद से भी योगदान दिया। नंबर-8 तक बल्लेबाज़ी की रणनीति में दुबे की सीम बॉलिंग भारत के लिए एक्स्ट्रा हथियार बन सकती है।
बॉलिंग कॉम्बिनेशन भी लगभग फिक्स:
गेंदबाज़ी को लेकर भी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। कप्तान सूर्यकुमार यादव के संकेतों के मुताबिक, वर्ल्ड कप में भारत 2 स्पिनर और 2 तेज़ गेंदबाज़ों के साथ उतर सकता है। बुमराह, अर्शदीप, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल का कोर लगभग तय नजर आ रहा है। हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे और जरूरत पड़ने पर अभिषेक शर्मा अतिरिक्त विकल्प देंगे। कुल मिलाकर, न्यूज़ीलैंड के खिलाफ यह टी20 सीरीज़ भारत के लिए सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, क्लैरिटी और सही दिशा देने वाली साबित हुई। 2026 टी20 वर्ल्ड कप से पहले टीम इंडिया को कई अहम सवालों के जवाब मिल चुके हैं।